CG: हत्या के प्रयास में सजायाफ्ता शिक्षक बर्खास्त, निलंबन में 9 महीने की देरी पर 2 अफसरों को नोटिस
CG: हत्या के प्रयास में सजायाफ्ता शिक्षक बर्खास्त, निलंबन में 9 महीने की देरी पर 2 अफसरों को नोटिस
अम्बिकापुर। जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा ने उदयपुर विकासखंड के पेंड्राखी प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक विजय कुमार यादव को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। हत्या के प्रयास के मामले में न्यायालय से सजा मिलने के बाद जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही सरगुजा के जिलाधिकारी अजीत वसंत ने दोषी प्रधान पाठक के निलंबन प्रक्रिया में लगभग नौ महीने की देरी करने पर उदयपुर के तत्कालीन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक रिसोर्स सेंटर समन्वयक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रशासन को इस मामले में देरी की शिकायत मिली थी, जिसके बाद जवाब मिलने पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही गई है।
अदालत से मिली पांच साल की सजा
मामले के अनुसार मणिपुर थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध के तहत प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक विजय कुमार यादव पर भारतीय दंड संहिता की धारा 148, 323/149 (4) और 307, 149 के तहत हत्या की कोशिश और जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज हुआ था। अंबिकापुर के पांचवें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रधान पाठक को दोषी करार दिया था। अदालत ने उन्हें पांच वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी प्रधान पाठक 3 जनवरी से 9 अक्तूबर तक सेंट्रल जेल में बंद रहे। फिलहाल उच्च न्यायालय ने उनकी सजा पर स्थगन आदेश जारी किया है।
निलंबन आदेश में नौ महीने की देरी
अदालत से सजा मिलने और जेल जाने के बाद भी प्रधान पाठक के खिलाफ समय पर प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हो सकी। जेल में रहने के बावजूद विभागीय प्रतिवेदन न मिलने के कारण उन्हें लंबे समय तक निलंबित नहीं किया गया था। सरगुजा के जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा ने लगभग नौ महीने बाद 22 अक्तूबर को प्रधान पाठक को निलंबित किया था। अब जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें सेवा से निष्कासित कर दिया है।
लापरवाह अधिकारियों को थमाया नोटिस
हत्या की कोशिश जैसे गंभीर मामले में सजायाफ्ता शिक्षक पर तत्काल कार्रवाई न होने और नौ महीने तक मामला लंबित रखने को जिलाधिकारी अजीत वसंत ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने पूरे मामले में उदयपुर के तत्कालीन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक रिसोर्स सेंटर समन्वयक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि मामले में शिकायत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है तथा दोनों अधिकारियों का जवाब प्राप्त होने के पश्चात मामले में नियमानुसार अगली कार्रवाई की जाएगी।