“लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं”… क्राइम मीटिंग में SSP का सख्त अल्टीमेटम, कई थानों पर गिर सकती है गाज

छत्तीसगढ़ April 18, 2026 • रिपोर्टर: raigarh top news
“लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं”… क्राइम मीटिंग में SSP का सख्त अल्टीमेटम, कई थानों पर गिर सकती है गाज

“लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं”… क्राइम मीटिंग में SSP का सख्त अल्टीमेटम, कई थानों पर गिर सकती है गाज

रायगढ़। पुलिस महकमे में उस वक्त सख्ती का संदेश साफ सुनाई दिया, जब क्राइम मीटिंग में साफ शब्दों में कह दिया गया—अब ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं। अपराध से लेकर ट्रैफिक और जनसुनवाई तक, हर मोर्चे पर जवाबदेही तय करने के संकेत दे दिए गए हैं।

पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित इस अहम बैठक की अगुवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Shashi Mohan Singh ने की, जिसमें जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना और चौकी प्रभारी समेत शाखा प्रमुख मौजूद रहे। बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निपटारे और कानून व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए।

सबसे ज्यादा जोर तीन महीने से ज्यादा लंबित शिकायतों पर दिया गया। SSP ने स्पष्ट कर दिया कि जिन थाना प्रभारियों के पास 20 से ज्यादा लंबित मामले हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा। यानी अब काम में देरी सीधे कार्रवाई का कारण बन सकती है।

बैठक में ऑनलाइन सिस्टम के अधिकतम उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। नेटग्रिड, मेडिकल रिपोर्ट, ऑनलाइन लीगल सिस्टम और पोर्टलों के जरिए जांच और कार्रवाई को तेज करने के निर्देश दिए गए, ताकि मामलों का जल्द निपटारा हो सके।

कम्युनिटी पुलिसिंग को मजबूत बनाने के लिए हर महीने दो बड़े जनजागरूकता अभियान चलाने और गांव-गांव चौपाल लगाने की योजना पर काम करने को कहा गया। साथ ही बीट सिस्टम को सशक्त करने और हर शिकायतकर्ता से “अनुभव फीडबैक” लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

अवैध गतिविधियों पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। जुआ, सट्टा, अवैध शराब, कबाड़ और संगठित अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर ऑनलाइन-ऑफलाइन सट्टा, चाकूबाजी और गुंडागर्दी पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है।

इसके साथ ही सड़क हादसों को लेकर भी गंभीरता दिखाई गई। जिले के 26 ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां सुधार कार्य तेज करने और ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर बनाकर मौतों की संख्या कम करने पर जोर दिया गया। ब्रीथ एनालाइजर और सड़क इंजीनियरिंग सुधार को प्राथमिकता में रखा गया है।

बैठक में “ऑपरेशन आघात”, “प्रहार”, “अंकुश”, “तलाश” और “मुस्कान” जैसे अभियानों की समीक्षा भी की गई। बेहतर प्रदर्शन करने वाले थाना चक्रधरनगर और कोतवाली को प्रोत्साहित किया गया, जबकि बाकी थानों को भी प्रदर्शन सुधारने की चेतावनी दी गई।

SSP ने साफ शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था सर्वोपरि है और किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त जवाबदेही तय की जाएगी। इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले दिनों में रायगढ़ में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज होने वाली है।

खबर शेयर करें: