मंत्रालय की बैठक में बड़ा एक्शन! 4 जिलों के अफसरों पर गिरी गाज, शो-कॉज नोटिस से मचा हड़कंप
बजट खर्च में लापरवाही पर सख्ती, आश्रम-छात्रावासों की खामियों को दो महीने में सुधारने के कड़े निर्देश

रायपुर। राज्य स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक में उस वक्त सख्त रुख देखने को मिला जब आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सीधे कार्रवाई के निर्देश दे दिए। मंत्रालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में चार जिलों—बलौदाबाजार, बेमेतरा, जशपुर और बिलासपुर के सहायक आयुक्तों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
बैठक में विभागीय योजनाओं, बजट के उपयोग और आगामी कार्ययोजनाओं की गहन समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने साफ कहा कि जिन जिलों ने बजट का सही उपयोग नहीं किया, उन्हें जवाब देना होगा। वहीं बेहतर काम करने वाले जिलों की सराहना भी की गई।
आगामी शैक्षणिक सत्र को देखते हुए आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्थाओं को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि अगले दो महीनों के भीतर सभी छात्रावासों में मरम्मत, रंग-रोगन, शौचालय, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं। इसके अलावा सुरक्षा के लिहाज से अग्निशमन यंत्र और सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में “प्रोजेक्ट संकल्प” के तहत विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए ध्यान और योग को शामिल करने की बात कही गई। वहीं सेप्टिक टैंकों की सफाई मैनुअल तरीके से न कराकर मशीनों के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन हो सके।
छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा में सामने आया कि पिछले सत्र में 3.3 लाख विद्यार्थियों को समय पर राशि उनके खातों में ट्रांसफर की गई। इस प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए जल्द ही पूरी व्यवस्था ऑनलाइन करने की तैयारी है, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लग सकेगी।
वन अधिकार अधिनियम के लंबित मामलों को 15 दिनों के भीतर निपटाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने और नए छात्रावास प्रस्तावों से पहले स्थल निरीक्षण अनिवार्य करने पर जोर दिया गया।
बैठक में एकलव्य और प्रयास आवासीय विद्यालयों में एक भी सीट खाली न रखने के निर्देश दिए गए, जबकि विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता के साथ समय पर काम पूरा करने की सख्त हिदायत दी गई।
इस पूरी कार्रवाई के बाद साफ संकेत मिल रहे हैं कि अब विभागीय लापरवाही पर सख्ती तय है और आने वाले समय में और भी बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।





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