दिल्ली ब्लास्ट का सनसनीखेज सच: पाक से आए जैश हैंडलर ने डॉक्टर को भेजा बम बनाने का वीडियो, 15 लोगों की मौत के पीछे छुपा डरावना प्लान!

देश November 21, 2025 रिपोर्टर: raigarh top news
दिल्ली ब्लास्ट का सनसनीखेज सच: पाक से आए जैश हैंडलर ने डॉक्टर को भेजा बम बनाने का वीडियो, 15 लोगों की मौत के पीछे छुपा डरावना प्लान!

दिल्ली ब्लास्ट का सनसनीखेज सच: पाक से आए जैश हैंडलर ने डॉक्टर को भेजा बम बनाने का वीडियो, 15 लोगों की मौत के पीछे छुपा डरावना प्लान!

दिल्ली: राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास हुए भयानक ब्लास्ट का सच अब धीरे-धीरे सामने आ रहा है। जांच एजेंसियों ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है – पाकिस्तान में बैठे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के हैंडलर ने इस हमले के मुख्य आरोपी, डॉक्टर मुज़म्मिल शकील, को सीधे बम बनाने के वीडियो भेजे थे। इस हमले में 15 निर्दोष लोग मारे गए थे।

सूत्रों के मुताबिक, यह हैंडलर ‘हंजुल्ला’ के नाम से जाना जाता है। जांच में सामने आया है कि हंजुल्ला ने ऑनलाइन ट्रेनिंग के जरिए शकील को विस्फोटक बनाने की तकनीक सिखाई। अक्टूबर में जम्मू-कश्मीर के नौगाम इलाके में मिले पोस्टरों पर भी ‘कमांडर हंजुल्ला भाई’ लिखा पाया गया था, जो इस पूरे नेटवर्क का लिंक साबित करता है।

व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का भयानक नेटवर्क

जांच में यह भी पता चला कि यह आतंकवादी मॉड्यूल केवल आम अपराधियों से नहीं, बल्कि शिक्षित पेशेवरों (व्हाइट कॉलर) से बना था। शकील ने फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डॉक्टर के रूप में काम करते हुए अपने जैसे विचारधारा वाले अन्य डॉक्टरों को भी शामिल किया – मुजफ्फर अहमद, अदील अहमद राथर और शाहीन सईद।

शकील पर आरोप है कि उसने सुसाइड बॉम्बर उमर मोहम्मद (उमर-उन-नबी) को सफेद हुंडई i20 कार सौंपने में मदद की। यह कार लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई।

200 IEDs और ‘बिरयानी’ का कोड

जांच में यह सामने आया कि आतंकियों ने राजधानी में कई हाई-प्रोफाइल इलाकों को निशाना बनाने के लिए 200 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IEDs) तैयार किए थे। पुलिस और एजेंसियों से बचने के लिए आतंकियों ने टेलीग्राम जैसे सुरक्षित ऐप्स का इस्तेमाल किया और विस्फोटक मटीरियल के लिए कोड वर्ड ‘बिरयानी’ और ऑपरेशन के लिए ‘दावत’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।

विशेष सूत्रों का कहना है कि लाल किले में धमाका उस समय हुआ जब फरीदाबाद में 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद हुआ और मॉड्यूल के दो प्रमुख सदस्य पकड़े गए। संभव है कि सुसाइड बॉम्बर उमर मोहम्मद घबराकर समय से पहले धमाका कर बैठा।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी और मनी लॉन्ड्रिंग

फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी अब इस पूरे व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का केंद्र बन गई है। संस्थापक जवाद अहमद सिद्दीकी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ धोखाधड़ी और दस्तावेजों की जालसाजी के मामले दर्ज किए हैं और 25 जगहों पर छापेमारी की है। इस दौरान ₹48 लाख नकद, कई डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज़ बरामद किए गए।

फरीदाबाद पुलिस ने यूनिवर्सिटी की गतिविधियों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।

🔴 जांच अभी जारी है और एजेंसियां पाकिस्तान में बैठे जैश हैंडलर हंजुल्ला का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। राजधानी में हुए इस ब्लास्ट की पूरी साजिश और नेटवर्क का खुलासा आने वाले दिनों में और भी भयानक रहस्यों को उजागर कर सकता है।

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