अब छत्तीसगढ़ के विकास की होगी ‘रियल टाइम’ निगरानी! मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया ऐसा प्लान, जिससे बदलेगी बस्तर की तस्वीर
343 राज्य स्तरीय और 99 जिला स्तरीय संकेतकों से होगी योजनाओं की मॉनिटरिंग, 'बस्तर अंजोर' पहल से जनजातीय क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई रफ्तार।

रायपुर, 8 जुलाई। छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों की निगरानी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ एस.डी.जी. (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स) 2.0 फ्रेमवर्क का विमोचन किया। इसके साथ ही बस्तर संभाग के समग्र, समावेशी और परिणाम आधारित विकास के लिए तैयार की गई महत्वाकांक्षी पहल ‘बस्तर अंजोर’ का भी शुभारंभ किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभाव अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सटीक डेटा, पारदर्शी व्यवस्था और परिणाम आधारित मॉनिटरिंग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एस.डी.जी. 2.0 फ्रेमवर्क शासन को साक्ष्य आधारित नीति निर्माण, बेहतर विभागीय समन्वय और योजनाओं की नियमित समीक्षा के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगा। यह पहल ‘विकसित छत्तीसगढ़ @2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नई व्यवस्था के तहत राज्य स्तर पर विकास संकेतकों की संख्या 275 से बढ़ाकर 343 और जिला स्तर पर 82 से बढ़ाकर 99 कर दी गई है। इससे विकास कार्यों की निगरानी पहले की तुलना में अधिक व्यापक, वैज्ञानिक और सटीक तरीके से की जा सकेगी। साथ ही जारी की गई मेटाडेटा हैंडबुक में प्रत्येक संकेतक की गणना और रिपोर्टिंग की मानकीकृत प्रक्रिया तय की गई है, जिससे पूरे प्रदेश में डेटा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने ‘बस्तर अंजोर’ की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह कन्वर्जेंस आधारित विकास मॉडल है। इसके 3+4 मॉडल के तहत जिला स्तर की तीन प्रमुख पहल—नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर—को चार प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय विकास फ्रेमवर्क एस.डी.जी. 2030, विकसित छत्तीसगढ़ @2047, आकांक्षी जिला कार्यक्रम और आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम से जोड़ा गया है।
इस पहल का उद्देश्य अतिरिक्त संसाधन खर्च किए बिना विभिन्न योजनाओं के बेहतर समन्वय के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में ठोस और मापनीय परिणाम हासिल करना है। राज्य सरकार का मानना है कि ‘बस्तर अंजोर’ अंत्योदय से सर्वोदय की भावना को साकार करते हुए बस्तर को समावेशी, सतत और परिणामोन्मुख विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्रिपरिषद के सदस्य, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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