Sarangarh News: सारंगड़ पुलिस ने पकड़ा 91 किलो गांजा, महिला सहित 5 गिरफ्तार, 34 लाख 91 हजार की संपत्ति जप्त

सारंगढ़। सारंगढ़ की सिटी कोतवाली पुलिस ने अवैध गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 91 किलो 320 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 9 लाख रुपये है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय के निर्देश पर की गई, जिसमें उन्होंने जिले के सभी थाना/चौकी प्रभारियों को जुआ, सट्टा, शराब और अवैध मादक पदार्थों में लिप्त व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा था।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय और उप पुलिस अधीक्षक स्नेहिल साहू के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी कामिल हक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस को जानकारी मिली कि बरमकेला की ओर से दो वाहन – एक महिंद्रा XUV (क्रमांक OD 02A1444) और एक कंटेनर वाहन (क्रमांक HR46E2249) – गांजा लेकर आ रहे हैं।
पुलिस ने बाईपास रोड, ग्राम दानसरा के पास वाहनों की जाँच शुरू की। जब पुलिस ने इन वाहनों को रोकने की कोशिश की, तो वे नहीं रुके। पुलिस टीम ने उनका पीछा किया और ग्राम नंदेली बाईपास रोड पर एमआरएम राइस मील के पास घेराबंदी करके उन्हें रोका। वाहनों में कुल पाँच लोग सवार थे।
जब्त की गई संपत्ति और गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने वाहनों की तलाशी ली और 29 पैकेटों में भरा हुआ 91.320 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इसके अलावा, तस्करी में इस्तेमाल किए गए दोनों वाहन और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। जब्त की गई कुल संपत्ति का अनुमानित मूल्य 34 लाख 91 हजार रुपये है।















गिरफ्तार किए गए पाँच आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
देवेंद्र शर्मा (39), निवासी कायलगांव, जिला भिवानी, हरियाणा।
श्याम बाबू चौधरी (26), निवासी मानबंदपारा, जिला बरगढ़, ओडिशा।
रंजीत साहू (26), निवासी तोरा, जिला बरगढ़, ओडिशा।
नारायण प्रसाद साहू (36), निवासी अड़भार, जिला सक्ति, छत्तीसगढ़।
श्रीमती संजना साहू (35), निवासी अड़भार, जिला सक्ति, छत्तीसगढ़।
इन सभी आरोपियों के खिलाफ सिटी कोतवाली सारंगढ़ में अपराध क्रमांक 437/2025 के तहत धारा 20बी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक कामिल हक, सउनि नरेन्द्र मनहर, राम कुमार मानिकपुरी और अन्य पुलिस स्टाफ का विशेष योगदान रहा।