नौसेना दिवस पर नेवी चीफ का बड़ा बयान …ऑपरेशन सिंदूर जारी….पाक नौसेना समुद्र में उतर ही नहीं पाई…

देश December 2, 2025 रिपोर्टर: raigarh top news
नौसेना दिवस पर नेवी चीफ का बड़ा बयान …ऑपरेशन सिंदूर जारी….पाक नौसेना समुद्र में उतर ही नहीं पाई…

नौसेना दिवस पर नेवी चीफ का बड़ा बयान …ऑपरेशन सिंदूर जारी….पाक नौसेना समुद्र में उतर ही नहीं पाई…

नई दिल्ली। नौसेना दिवस के अवसर पर भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने 1971 के युद्ध की ऐतिहासिक जीत को याद करते हुए कहा कि भारतीय नौसेना आज भी उसी साहस, जज़्बे और प्रतिबद्धता के साथ देश की समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने बताया कि कैसे 4 दिसंबर 1971 को कराची पर भारतीय नौसेना के निर्णायक हमलों ने युद्ध का पूरा रुख बदल दिया था।


🔻 “पाकिस्तानी नौसेना समुद्र में उतर ही नहीं पाई” – नेवी चीफ

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय नौसेना की मजबूत तैनाती और रणनीतिक कार्रवाई के कारण पाकिस्तान की नौसेना को बंदरगाहों में ही सीमित रहना पड़ा।
उन्होंने बताया कि कैरीयर बैटल ग्रुप (CBG) की प्रभावशाली मौजूदगी ने पाक नौसेना को इतना दबाव में ला दिया कि वे समुद्र में निकलने की हिम्मत ही नहीं जुटा सके


🔻 “ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी”

नौसेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण ऑपरेशन सिंदूर आज भी सक्रिय है।
इस अभियान के कारण—

  • पाकिस्तान के समुद्री व्यापार पर असर पड़ा

  • अंतरराष्ट्रीय जहाज़ों ने पाकिस्तानी बंदरगाहों से दूरी बनाई

  • बीमा प्रीमियम बढ़ने से उसकी अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई

यह भारत की रणनीतिक समुद्री बढ़त को दर्शाता है।


🔻 भारतीय नौसेना की वैश्विक भूमिका—2008 से अदन की खाड़ी में लगातार तैनाती

एडमिरल त्रिपाठी ने बताया कि 2008 से भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत लगातार अदन की खाड़ी में तैनात है।
अब तक—

  • 138 युद्धपोतों की तैनाती

  • 7,800 व्यापारी जहाज़ों को सुरक्षित एस्कॉर्ट

  • 62 समुद्री डाकू जहाज़ पकड़े

  • 40 संदिग्ध पोत रोके

  • 520 लोगों की जान बचाई

  • 30+ घटनाओं को सफलतापूर्वक संभाला

इसी अवधि में नौसेना ने 11,000 शिप डेज़ और 50,000 फ्लाइंग आवर्स पूरे किए हैं, जो इसकी सतत ऑपरेशनल क्षमता को दर्शाता है।


🔻 2029 में आएंगे पहले राफेल-एम जेट—ताकत होगी कई गुना बढ़ी

नौसेना प्रमुख ने बताया कि भारतीय नौसेना को 2029 में राफेल-एम लड़ाकू विमानों की पहली खेप मिलेगी।
ये जेट—

  • आधुनिक तकनीक से लैस होंगे

  • एअरक्राफ्ट कैरियर संचालन के लिए उपयुक्त

  • और चरणबद्ध तरीके से मिग-29K की जगह लेंगे

इससे नौसेना की एयर पावर में बड़ा इजाफा होगा।


🔻 “भारतीय नौसेना हर हाल में समुद्री सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध”

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षित समुद्री मार्गों को बनाए रखने के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बदलते माहौल में नौसेना अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रही है।

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