मरीजों के लिए एक नयी ज़िंदगी का सहारा बन रहा आर एल हॉस्पिटल, सेवा विश्वास और कामयाबी के सुखद 20 वर्ष
125 बिस्तर के साथ आधुनिक सर्वसुविधायुक्त चिकित्सकीय संसाधनों से अपडेट हुआ हॉस्पिटल

रायगढ़ टॉप न्यूज 7 फरवरी। यदि जीवन की तमाम विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए कोई भी शख़्स पवित्र मन से एक उद्देश्य के साथ अनवरत अपने पथ पर आगे बढ़ते रहते हैं तो उस इंसान को वक्त भी एक दिन कामयाबी के सिंहासन पर अवश्य विराजित करता है। जीवन के यथार्थ इस उक्ति को कुछ यूँ ही चरितार्थ किए हैं शहर के अत्यंत ही लोकप्रिय नामचीन चिकित्सक विशेषज्ञ रतन लाल अग्रवाल। जो विगत 1975 से जन सेवा के पवित्र उद्देश्य से चिकित्सा सेवा कार्य की शुरुआत किए। लम्हें गुज़रते गए और उनकी ज़िंदगी में एक से बढ़कर एक कठिन रास्ते आए तरह – तरह की मुश्किल भरी परिस्थितियाँ निर्मित हुईं जिनका सामाना उन्होंने बड़े ही धैर्य से, विरासत से मिले संस्कार को हृदय में आत्मसात कर किए और केवल आगे बढ़ते गए।विगत 1996 से उन्होंने शहर के गौशाला निकट एक छोटी सी क्लीनिक से शुरुआत किए फिर पीछे मुड़कर न देखे और उनका पल केवल मरीजों की सेवा में व्यतीत होते गए। यही वजह है कि विगत 20 वर्ष की सेवा, समर्पण, मेहनत, धैर्य, पवित्र उद्देश्य और समाज के बेशुमार लोगों के विश्वास का प्रतिफल साथ ही उनको एक नयी ज़िंदगी देकर पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में कामयाब हुए हैं। वह छोटी सी क्लीनिक आज 8 फरवरी 2026 को 125 बिस्तर के साथ सर्वसुविधायुक्त चिकित्सकीय संसाधनों से अपडेट होकर नवनिर्मित हॉस्पिटल समाज के लोगों की सेवा में समर्पित हुआ।
2006 में आर एल हॉस्पिटल की स्थापना
बेहद मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी सुप्रसिद्ध मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ रतन लाल ने विगत 2005-2006 में जिले के विभिन्न तरह की समस्याओं से जुझ रहे मरीजों को राहत देने के साथ – साथ एक नयी ज़िंदगी देने के पवित्र प्रयोजन से 12 बिस्तर के साथ आर्थोपेडिक और मेडिसिन सुविधा के साथ आर एल चिकित्सालय का शुभारंभ किए जो अच्छी सुविधा व बेहतरीन सुविधा साथ ही मरीजों को नव जीवन मिलने व विश्वास के साथ विगत 2012 में 45 बिस्तर के साथ प्रगति हुई और रायगढ़ का प्रथम टेस्ट ट्यूब बेबी की भी शुरुआत हुई। वहीं अब अनवरत चिकित्सकीय सेवा से 125 बिस्तर की आधुनिक चिकित्सकीय संसाधनों व सुविधाओं से परिपूर्ण होकर समाज के मरीजों की सेवा में समर्पित हुआ है। जो डॉ श्री अग्रवाल के जीवन का ईश्वर की कृपा और समाज के तमाम लोगों के आशीर्वाद, स्नेह, अपनत्व व विश्वास की संदलमय शानदार कामयाबी का सुखद 20 वर्ष है।
विरासत की गरिमामय चिकित्सकीय सेवा में सुपुत्र व बहू का अविस्मरणीय योगदान
छत्तीसगढ़ व जिले में हड्डी विशेषज्ञ डॉ श्री अग्रवाल का अत्यंत ही गरिमामय व सम्मानीय स्थान तो है ही साथ ही उनके अत्यंत होनहार प्रतिभाशाली डॉ प्रशांत अग्रवाल हड्डी रोग विशेषज्ञ अपने पिताजी की नेक कार्यशैली को आत्मसात करते हुए उनके साथ मरीजों की सेवा में समर्पित होकर विरासत की गरिमामय चिकित्सकीय सेवा परंपरा को बरकरार रखते हुए पूरे जिले व छत्तीसगढ़ में अपनी गरिमामय पहचान बना चुके हैं। इसी तरह उनकी बहू डॉ प्रिया अग्रवाल (एमबीबीएस डीजीओ) टेस्ट ट्यूब बेबी के माध्यम से विगत एक दशक से समाज के अनेक निःसंतान लोगों की गोद को किलकारी से भरकर उन्हें जीवन की खुशी देने में सफल होकर यश अर्जित कर चिकित्सा जगत के क्षेत्र में नव रिकार्ड बना रही हैं साथ ही विरासत की चिकित्सकीय सेवा में अपना बहुमूल्य योगदान देकर कुल, परिवार व समाज को गौरवान्वित कर रही हैं।
अब लोगों की मिलेंगी यह हाईटेक सुविधाएं
जिले का ख्यातिलब्ध डॉ आर एल चिकित्सालय आज 8 फरवरी से 125 बिस्तर के साथ आधुनिक सर्वसुविधायुक्त चिकित्सकीय संसाधनों से अपडेट होकर समाज के लोगों की सेवा में समर्पित हो गया है। वहीं अब ओपीडी – 5 लाख, आईपीडी – 50 हजार, ऑपरेशन व सर्जरी 15 हजार, सफल टेस्ट ट्यूब बेबी – 2 हजार, प्रसव व डिलीवरी – 5 हजार व 2 हजार सफल जोड़ प्रत्यारोपण बिलासपुर संभाग का एकमात्र हॉस्पिटल का नव रिकार्ड बनाने में कामयाब हुआ जो हॉस्पिटल की विशिष्ट उपलब्धियाँ हैं साथ ही हॉस्पिटल में आधुनिक सुविधाओं के अंतर्गत Test Tube Baby Center, KNEE HIP Shoulder replecmemet, Egg and Embryo Donation IVF, ICSI, JOINT Replacement Surgery जोड़ प्रत्योपरण के अतिरिक्त वेंटिलेटर की सुविधा, 24 घंटे मॉनिटरिंग सुविधा, 24 घंटे आई.सी.यू. स्पेशलिस्ट डॉक्टर प्रशिक्षित आई.सी.यू. स्टॉफ, सभी प्रकार का ट्रामा एवं इमरजेंसी सुविधा, जहर एवं सर्पदंश का उपचार, मधुमेह, हाईब्लडप्रेशर एवं सिकलिन का उपचार, गुर्दे एवं पेट की गंभीर समस्या का इलाज, अंतड़ियों की समस्या का उपचार, लकवा एवं मस्तिष्क संबंधित बीमारियों का इलाज, गंभीर रूप से बीमार रोगियों का उपचार की बेहतरीन सुविधाएँ समाज के लोगों को मिलेगी।
नामचीन विशेषज्ञ दे रहे सेवाएं
वहीं अब जिले का सुप्रसिद्ध डॉ आर एल चिकित्सालय में वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ रतन लाल अग्रवाल एमडी मेडिसिन, सुप्रसिद्ध आर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ प्रशांत अग्रवाल डायरेक्टर, स्त्री प्रसूति विशेषज्ञ डॉ प्रिया अग्रवाल एमबीबीएस डीजीओ, अनंत सिंह एमबीबीएस एमएस आर्थोपेडिक, डॉ उमा अग्रवाल एमबीबीएस डीजीओ, (एफएमएस डीएमएस) डॉ पी एल पटेल एमडी एनेस्थेसिया, डॉ भार्गव चंदा एमडी रेडियोलॉजी, डॉ दिव्येश शर्मा एमबीबीएस पीएनबी पीडियाट्रिक, डॉ उषा कटियार बीपीटी, डॉ अरविंद यादव एनेस्थेसिया, डॉ सुबोध नायक डीएएनबी मेडिसिन, डॉ शशि पटेल फिजियोथैरेपिस्ट अपनी सेवाएं देंगे।
समाज की सेवा करना हमारा संकल्प
वहीं बेहद मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी सुप्रसिद्ध वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आर.एल. हॉस्पिटल के संस्थापक डाॅ रतन लाल अग्रवाल ने सर्व समाज के लोगों के प्रति बड़ी विनम्रता से आभार प्रकट करते हुए कहा कि 20 वर्ष पूर्ण होने के इस गौरवपूर्ण अवसर पर हम हृदय से उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जिनके सहयोग, विश्वास और आशीर्वाद से यह सेवा यात्रा संभव हो सकी। पिछले दो दशकों में हमारा प्रयास केवल इलाज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ समाज की सेवा करना हमारा संकल्प रहा है। इस यात्रा में मरीज़ों और उनके परिजनों का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूँजी रहा है। हम अपने सभी डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी एवं प्रशासनिक टीम के समर्पण और अथक परिश्रम के लिए विशेष धन्यवाद देते हैं, जिनके बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी। साथ ही समाज के गणमान्य नागरिकों, सहयोगी संस्थाओं एवं शुभचिंतकों के मार्गदर्शन और समर्थन के लिए भी हम कृतज्ञ हैं।
सेवा में समर्पित है नवनिर्मित हॉस्पिटल
नवनिर्मित भव्य सर्वसुविधायुक्त डॉ आर एल हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ प्रशांत अग्रवाल ने भी अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करते हुए कहा कि आज डॉ आर. एल. हॉस्पिटल का 20 वर्ष पूर्ण होने की खुशी में शहर के गणमान्य नागरिकों की विशेष उपस्थिति में सहसम्मेलन का आयोजन किया गया। वहीं उन्होंने कहा कि अस्पताल का प्रारम्भ सन 2006 से हुआ था। उस समय अस्पताल मात्र 12 बेड से चालू हुआ था। शुरुआत में सिर्फ मेडिसिन व आर्थो विभाग था तत्पश्चात स्त्री रोग व आई. वी. की स्थापना हुई। अस्पताल पिछले 20 वर्षो से अनवरत अपने मरीजों को सेवा भाव के साथ चिकित्सा उपलब्ध करा रहा है व विगत 20 वर्षो में अस्पताल अपनी बेड संख्या 12 से बढ़ाकर 125 कर चुका है। उन्होंने बड़ी विनम्रता से कहा कि हॉस्पिटल मे मेडिसिन विभाग, हड्डी रोग विभाग, स्त्री व प्रसूति रोग विभाग बाल एवं शिशु रोग विभाग, जनरल सर्जरी विभाग, सोनोग्राफी व रेडियोलाजी विभाग, फिजिओथेरेपी सेंटर, गहन चिकित्सा इकाई ( आई. सी. यू.)नवजात गहन चिकित्सा इकाई ( एन. आई. सी यू.) डायलिसीस विभाग, सी. टी. स्कैन विभाग का कार्य विशेषज्ञ डॉक्टर व प्रशिक्षित स्टाफ की देखरेख मे चल रहा है और निःसंतान दाम्पतियों के लिए आधुनिक आई. वी. सेंटर की स्थापना भी की गई है व आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क ईलाज किया जाता है। साथ ही टी. पी. ए. और प्रमुख इन्शुरेंस कंपनी से सम्बंधित अस्पताल है, व अस्पताल सी. एस. पी डी. सी एल., सी. जी. एच. एस. ( केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना) एंव. एन. ए.बी. एच से मान्यता प्राप्त है l वहीं अब चिकित्सक विशेषज्ञों के सानिध्य में मरीजों की सेवा में सभी सदस्यगण समर्पित होकर सेवाएं दे रहे हैं।
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