रामभांठा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ने गुणवत्ता मूल्यांकन में हासिल किए 88.79 प्रतिशत अंक, राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम के तहत मिला क्वालिटी सर्टिफिकेट
रामभांठा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ने गुणवत्ता मूल्यांकन में हासिल किए 88.79 प्रतिशत अंक, राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम के तहत मिला क्वालिटी सर्टिफिकेट
रायगढ़, 12 अक्टूबर 2026/ राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम के तहत रायगढ़ जिले के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रामभांठा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 88.79 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित इस स्वास्थ्य केन्द्र ने गुणवत्ता मूल्यांकन के निर्धारित मानकों पर खरा उतरकर क्वालिटी सर्टिफिकेट (गुणवत्ता प्रमाण पत्र) प्राप्त करने की उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुविधाओं, स्वच्छता और बेहतर प्रबंधन के प्रति स्वास्थ्य केन्द्र की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भारत सरकार द्वारा शासकीय चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम संचालित किया जाता है। इसके अंतर्गत संस्थानों का चार चरणों में मूल्यांकन किया जाता है। पहले चरण में संस्थान स्वयं का मूल्यांकन करता है, दूसरे चरण में जिला स्तरीय टीम और तीसरे चरण में राज्य स्तरीय टीम द्वारा आकलन किया जाता है। इन चरणों में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले संस्थानों को केंद्र सरकार के बाह्य मूल्यांकन के लिए नामांकित किया जाता है। इसके बाद भारत सरकार की विशेषज्ञ टीम निर्धारित मानकों के आधार पर निरीक्षण करती है और संतोषजनक प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।
इसी प्रक्रिया के तहत शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रामभांठा का 17 एवं 18 जुलाई 2026 को दो दिवसीय निरीक्षण किया गया। भारत सरकार की विशेषज्ञ टीम में डॉ. अजय सिंह एवं डॉ. विवेक भारती शामिल थे। टीम ने स्वास्थ्य केन्द्र में उपलब्ध सेवाओं, मरीजों के अधिकार, आधारभूत सुविधाओं, सहायक सेवाओं, उपचार व्यवस्था, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं के परिणामों सहित विभिन्न मानकों का परीक्षण किया। मूल्यांकन के दौरान स्वास्थ्य केन्द्र के 12 विभागों की सेवाओं का आकलन किया गया। इनमें सामान्य ओपीडी, मातृ स्वास्थ्य, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार नियोजन, संचारी एवं गैर-संचारी रोग, ड्रेसिंग एवं आपातकालीन सेवाएं, औषधि वितरण, प्रयोगशाला, आउटरीच सेवाएं और सामान्य प्रशासन शामिल हैं। इसके साथ ही संस्थान के बुनियादी ढांचे, साफ-सफाई, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, उपचार की गुणवत्ता, अभिलेखों एवं रिपोर्टिंग के संधारण तथा मरीजों के अधिकारों से जुड़े पहलुओं का भी बारीकी से मूल्यांकन किया गया।
इस उपलब्धि पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.पी. पटेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. सोनाली मेश्राम, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. काकोली पटनायक, चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्मृति अग्रवाल, आर.एम.एन.सी.एच.ए. सलाहकार डॉ. राजेश मिश्रा, जिला अस्पताल सलाहकार डॉ. देवेन्द्र गुर्जर, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. भावना सहित जिला स्तरीय अधिकारियों एवं संबंधित टीम ने स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सकों और कर्मचारियों को बधाई दी। साथ ही राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों को निरंतर बनाए रखने तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया।