रायपुर। जंगल सफारी में सफेद बाघों का कुनबा बढ़ाने के लिए भिलाई के मैत्री बाग से सफेद बाघिन रक्षा को लाने की तैयारी है। बाघिन रक्षा आने वाले सोमवार को जंगल सफारी के विशेष बाड़े में दाखिल हो जाएगी। अभी जंगल सफारी में दो सफेद बाघ हैं। पिछले चार साल से इनकी संख्या में बढ़ोतरी नहीं होने पर मैत्री बाग से बाघिन रक्षा को लाने का फैसला जंगल सफारी प्रबंधक ने लिया है।

अब जंगल सफारी की सफेद बाघिन जया को मैत्री बाग भेजा जाएगा। पर्यटक कुछ दिन के बाद जू में रक्षा को देख सकेंगे। कुछ दिन पहले जंगल सफारी के वन्यप्राणी डाक्टर राकेश वर्मा और सोनम मिश्रा ने बाघिन रक्षा के स्वास्थ्य की जांच की थी। बाघिन रक्षा पूरी तरह से स्वस्थ है। अब सफारी प्रबंधक ने बाघिन को लाने की हरी झंड़ी दिखा दी है।

बता दें कि जंगल सफारी में अभी दो सफेद बाघ हैं। पिछले कई सालों से डाक्टरों ने इनके कुनबे को बढ़ाने के लिए कई तरह के प्रयास किए थे, फिर भी कुनबा नहीं बढ़ पाया, जबकि जंगल सफारी में लगभग चार साल पहले जया और देव में लाया गया था। इन दोनों में जू में रखा गया है।

कुछ दिनों के लिए बाघिन को रखेंगे अलग बाड़े में
अधिकारियों के मुताबिक मैत्री बाग के बाघिन रक्षा को सुरक्षा की दृष्टि और स्वस्थ्य को लेकर कुछ दिन के लिए अलग से बाड़े में रखेंगे यानी पूरी तरह से बाघिन डाक्टरों की निगरानी में रहेगी। इसके बाद जहां सफारी में मौजूद सफेद बाघ देव के साथ रखेंगे।

हालांकि जंगल सफारी में इस वक्त सफेद बाघ की संख्या कम है, लेकिन बंगाल टाइगर और शेरों की कुल संख्या 11 है, जबकि भिलाई स्थित मैत्री बाग में सफेद बाघों की संख्या 10 है। इसके चलते रक्षा को लाया जा रहा है। बताया जाता है कि बाघिन रक्षा ने अप्रैल 2023 में तीन शावकों को भी जन्म दिया था। इसके कारण वहां संख्या अधिक हो गई है।

वन्यप्राणी चिकित्सक डा. राकेश वर्मा ने कहा, जंगल सफारी की बाघिन जया को मैत्री बाग भेजा जाएगा। बदले में वहां की बाघिन रक्षा को लाया जाएगा। बाघिन रक्षा को जल्द लाया जाएगा। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है।

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