राज्यसभा सांसद एवं प्रख्यात लेखिका सुधा मूर्ति ने किया धर्मनगरी कुरुक्षेत्र का भ्रमण
सांसद नवीन जिन्दल की ओर से सांसद टीम ने किया आत्मीय स्वागत

कुरुक्षेत्र, 1 अगस्त। राज्यसभा सांसद, प्रख्यात लेखिका एवं इंफोसिस फाउंडेशन की पूर्व चेयरपर्सन सुधा मूर्ति ने शनिवार को धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का दर्शन किया। उनके इस आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण की संपूर्ण व्यवस्था सांसद नवीन जिन्दल की ओर से की गई। इस अवसर पर सांसद नवीन जिन्दल की टीम ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उनको सांसद नवीन जिन्दल टीम की ओर से स्मृति चिन्ह के रूप में राष्ट्रीय ध्वज भी भेंट किया गया।
कुरुक्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड कार्यालय में धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसके उपरांत उन्होंने संगमेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर विश्व शांति एवं मानवता के कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने ब्रह्मसरोवर तट पर भगवान श्रीकृष्ण-अर्जुन के भव्य रथ तथा वहां स्थापित विशाल राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने पावन ज्योतिसर तीर्थ, नरकातारी मंदिर, कृष्ण संग्रहालय तथा अभिमन्युपुर का भ्रमण कर कुरुक्षेत्र की गौरवशाली सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं।
धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के दर्शन के उपरांत सुधा मूर्ति ने सांसद नवीन जिन्दल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र आकर उन्हें अत्यंत आध्यात्मिक अनुभूति हुई। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र आने का यह उनका दूसरा अवसर है और वे आगामी अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के दौरान पुनः यहां आने की इच्छुक हैं।
उन्होंने कहा कि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र भारत की सनातन संस्कृति, ज्ञान और धर्म का जीवंत केंद्र है। यहां के पवित्र तीर्थस्थल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और भारतीय सभ्यता की गौरवशाली परंपरा के प्रतीक हैं।
इस अवसर पर सांसद नवीन जिन्दल के संसदीय कार्यालय प्रभारी धर्मवीर सिंह (पूर्व आईएएस) ने कहा कि सांसद नवीन जिन्दल कुरुक्षेत्र की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि सुधा मूर्ति जैसी प्रतिष्ठित एवं प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व का धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में स्वागत करना हम सभी के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।