Raigarh: सावन के मल्हार, झूले की पींगें और सनातनी प्रथा के रंग में डूबा रायगढ़

मारवाड़ी युवा मंच ‘संस्कृति शाखा ने मनाया भव्य तीज झूला उत्सव
रायगढ़। मानसून का सबसे सुंदर व आह्लादित करने वाला होता है सावन, जिसके झूला उत्सव की छंटा का आनंद की महिमा से तो पूरा ब्रह्मांड झूमने लगता है सोमवार को मारवाड़ी युवा मंच महिला ‘संस्कृक्ति शाखा’ रायगढ़ ने इसी उल्लास पूर्ण अनुभूति से संस्था की महिलाओं को अभिभूत करने भव्य ‘झूला उत्सव’ का आयोजन कालिंदी कुंज के गार्डन में किया
जिसमें महिलाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया ओर कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया यह केवल एक धार्मिक पारंपरिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि सनातन मूल्यों, नारी शक्ति और सामाजिक सौहार्द का एक जीवंत उत्सव था जिसकी शुरुआत देवसर वाली माता एवं रानी सती मैया और कृष्ण जी को झूला झुलाकर की गई।
पूरे आयोजन में महिलाएँ व युवतियाँ पारंपरिक बंधेज की साड़ियों, सोलह श्रृंगार और आभूषणों से सुसज्जित होकर पहुँच पहुंचीं थी जिसने सनातनी संस्कृति को जीवंत बना दिया हरियाली तीज का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन तथा अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है इस अवसर पर सावन के गीतों की प्रस्तुति के साथ शानदार नृत्य ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक व उल्लासमय बना दिया।
कार्यक्रम के निर्विघ्न सम्पन्न करने के लिए संस्था की महिलाओं ने प्रचलित टोटके का इस्तेमाल किया ओर अपने घरों की – छत पर तवा को उल्टा रखा ओर कार्यक्रम होने तक बारिश नहीं हुई जैसे ही आयोजन खत्म हुआ बारिश शुरू हो गई।
मंच की अध्यक्ष दीप्ति गुप्ता ने मीडिया से रूबरू होते हुए आयोजन = के सांस्कृतिक फलक पर विस्तार से बात की उन्होंने बताया कि यह पर्व भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को दिए गए अखंड सौभाग्य के वरदान के महत्व को दर्शाता है महिलाएं इसी
सौभाग्य एवं अपने पति के दीर्घ आयु की कामना के लिए झूला उत्सव में शामिल होकर अपने उत्साह व खुशी को व्यक्त करती है इस उत्सव की मुख्य अतिथि किशोर न्यायालय की सदस्या विनीता अग्रवाल एवं शालू अनूप रतेरिया का स्वागत संस्था की अध्यक्ष दीप्ति गुप्ता सचिव शालू गोयल एवं कोषाध्यक्ष मधु गुप्ता ने रामायण श्री फल एवं रोली चोपड़ा दे कर किया दोनों अतिथियों ने संस्था के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उन्होंने समाज के सामने एक दूरदर्शी दृष्टिकोण रखते हुए मातृ शक्ति को सुसंस्कारित पीढ़ी और समर्थ राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान को सर्वोपरि बताया।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी आधुनिकता की दौड़ में आगे तो बढ़ रही है, लेकिन कहीं न कहीं अपनी मूल जड़ों से दूर हो रही है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन ही बच्चों और युवाओं को अपनी समृद्ध परंपराओं से जोड़े रखने का सबसे सशक्त माध्यम हैं झूलों की पींगें के
साथ महिलाओं ने लोक गीतों पर आकर्षक नृत्य कर उत्सव को ओर भी सांस्कृतिक एवं आकर्षक बना दिया।
इस अवसर पर शादी विवाह समारोह में वधु पक्षों में होने वाली (सगी) समधनों की नोक-झोंक जैसे खट्टी मिट्ठी प्रस्तुति दी गई और अपूर्वा गोयल व बच्चों ने रिद्धि-सिद्धि के दाता श्री गणेश की वंदना के साथ शुरू किया। दो छोटी बच्चियों ने जब ‘मां’ को समर्पित गीत पर कदम मिलाए, तो उपस्थित हर आँख स्नेह से भर उठी ।
मारवाड़ी युवा मंच महिला ‘संस्कृति शाखा’ का यह आयोजन केवल एक पर्व का उत्सव भर नहीं था; यह संदेश था कि आधुनिकता के इस दौर में भी हमारी संस्कृति, आपसी भाईचारा, प्रेम और परंपराएँ संस्कारधानी के दिल में पूरी शिद्दत के साथ धड़क रही हैं कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था की सभी सदस्यों ने अपना भरपूर सहयोग दिया।