रायगढ़

Raigarh News: रायगढ़ जिला ट्रेलर मालिक कल्याण संघ का अवैध वसूली के खिलाफ प्रदर्शन, शहर में निकाली बाईक रैली… फूंका एसईसीएल प्रबंधक का पुतला

रायगढ़ टॉप न्यूज 8 जनवरी । रायगढ़ जिला ट्रेलर मालिक कल्याण संघ ने सोमवार को शहर में बाईक रैली निकालकर एसईसीएल प्रबंधक के खिलाफ हल्लाबोल करते हुए उनका पुतला फूंका। जिला ट्रेलर मालिक संघ ने की सभी खदानों में अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए,समुचित पार्किंग व्यवस्था,पेयजल और पर्याप्त रोशनी की समस्या से निजात पाने एसईसीएल महाप्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपकर इसका त्वरित हल करने की मांग की है।

ज़िला ट्रेलर मालिक कल्याण संघ ने एसईसीएल प्रबंधक ने शहर में बाईक रैली निकालकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। वहीं एसईसीएल के मुख्य गेट पर प्रबंधक के विरुद्ध नाराजगी जाहिर करते हुए ना केवल नारेबाजी की बल्कि उनका पुतला भी फूंका। साथ ही एसईसीएल महाप्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपा। अपने सौपे गए ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि इस मामले पर पूर्व में भी एक पत्र दिया गया था लेकिन अब तक एसईसीएल की ओर से कोई भी सार्थक पहल इस विषय पे नहीं की गई, जिससे जिले में संचालित खदानों में अराजकता अपने चरम सीमा पर पहुँच चुकी है, मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कोल इंडिया अन्तर्गत आने वाली एसईसीएल रायगढ़ जिले की सभी खदाने कुछ दबंग और अराजकतत्वों के भरोसे चल रही है.

खदानों में गुंडागर्दी अपने चरम सीमा पर है जिसका की प्रत्यक्ष उदाहरण अभी छाल खदान में सेना के जवानों (त्रिपुरा रायफल्स) के नाम खुलेआम मारपीट होना दर्शाता है, एसईसीएल की समुचित पार्किंग वयस्था और संचालन ना होने की वजह में हर खदान पर हर ट्रांसपोर्टरों के साथ साथ अराजकतत्वों द्वारा अपनी अपनी लोडिग लाइन चलाई जा रही है और लगातार अवैध वसूली की जा रही है। परिणामतः दुर्घटना की संख्या में लगातार अप्रत्याशित वृद्धि पाई जा रही है और जो लोग साधारण ढंग से अपनी गाड़िया में लोडिंग चाहते हैं वे मजबुरी में 2-3 दिन तक खदानों में खड़े रह जा रहे है, जिसकी वजह से डीजल चोरी, सड़कजाम और अन्य परेशानियों का सामना मालिक के साथ साथ आमजन को भी करना पड़ रहा है।

लिहाजा पत्र के माध्यम से जिला ट्रेलर मालिक कल्याण संघ ने समुचित पार्किंग वयस्था और पार्किंग में पीने लायक पेयजल के साथ साथ पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने सभी खदानों के एरिया मैनेजर के साथ एक बैठक का आयोजन करके इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।

R.O. No. 12710/ 17

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