बीज एवं उर्वरक के पर्याप्त भंडारण एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने निरीक्षण के दिए निर्देश
जिले में न बिके अमानक कीटनाशक, किसानों को समय पर उपलब्ध कराये उर्वरक
फसल बीमा के लिए किसानों को करें प्रोत्साहित, फसल नुकसान की स्थिति में तत्परता से बनाए प्रकरण

रायगढ़, 20 जनवरी 2024/ कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल ने कृषि, बीज निगम, उद्यानिकी, पशुपालन एवं वन विभाग की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने कहा कि जिले के लिए कृषि महत्वपूर्ण है, विभाग फसल विस्तार एवं फसल विविधता पर विशेष रूप से फोकस कर विभागीय अधिकारी फील्ड में उतरकर कार्य करें। जिससे जिले में फसल विविधता एवं पैदावार में वृद्धि होने के साथ ही किसानों को लाभ मिल सके। बैठक में सीईओ जिला पंचायत  जितेन्दर यादव, डीएफओ रायगढ़  स्टायलो मण्डावी, डीएफओ धरमजयगढ़  अभिषेक जोगावत सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 

कलेक्टर गोयल ने आगामी रबी फसल के लिए गेहूं, रागी, दलहन, तिलहन बीज एवं क्षेत्राच्छादन की जानकारी लेते हुए क्षेत्र विस्तार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल विविधता होनी चाहिए, इसके लिए किसानों को प्रोत्साहित करेंं। उन्होंने बीज,भंडारण वितरण की जानकारी लेते हुए कहा कि वितरण शत-प्रतिशत होनी चाहिए। उन्होंने कृषि अधिकारियों को औसत पैदावार बढ़ाने पर कार्य करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने बीज एवं उर्वरक उपलब्धता की जानकारी लेते हुए यूरिया, डीएपी, पोटास के साथ बीज के पर्याप्त भंडारण की निर्देश दिए। साथ ही किसानों को सही समय में उर्वरक वितरण कराना सुनिश्चित करें, जिससे किसानों को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने उर्वरक निरीक्षकों को उर्वरक उपलब्धता के निरीक्षण करने तथा रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर गोयल ने कीटनाशी गुणवत्ता नियंत्रण पर समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश दिए कि जिले में अमानक, मिलावटी कीटनाशक नहीं बिकनी चाहिए, इसके लिए नियमित निरीक्षण कर अमानक पाये जाने पर कार्यवाही करें। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए ई-केवाईसी के अंतर्गत आधार सीडिंग एवं लैंड सीडिंग के कार्य को एक माह में शत-प्रतिशत करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने केसीसी निर्माण हेतु ग्रामवार कैंप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने फसल बीमा की समीक्षा करते हुए कहा की फसल बीमा किसानों के लिए महत्वपूर्ण है इससे फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक संकट से बचाया जा सकता है। उन्होंने कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया कि फसल खराब होने की स्थिति में बीमा प्रकरण पर तत्परता से कार्य करते हुए किसानों को बीमा से लाभान्वित करें। कलेक्टर  गोयल ने सामग्री, लोन वितरण को शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिए। उन्होंने लघुत्तम सिंचाई तालाब की जानकारी लेते हुए वित्तीय प्रगति के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत वाटर शेड की जानकारी लेते हुए बनाए गए वाटर शेड कार्यों का निरीक्षण हेतु निर्देशित किया।

इस दौरान उन्होंने उद्यानिकी विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन अंतर्गत इंडिया के स्पेसिफिक फसल चयन हेतु निर्देशित किया। इस दौरान राज्य पोषित योजना में हितग्राही चयन के संबंध में जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि हितग्राही चयन का विशेष ध्यान रखा जाए। कलेक्टर श्री गोयल ने बीज निगम से गत तीन सालों में हुए बीज की कमी की जानकारी ली। विभाग द्वारा बताया गया कि क्षेत्राच्छादन हिसाब से मांग अनुरूप कमी नहीं हुई है। कलेक्टर श्री गोयल ने रबी सीजन हेतु पर्याप्त बीज भंडारण के निर्देश दिए।

इसी प्रकार पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने टीकाकरण, प्रजनन, पशुओं की नस्ल सुधार के संबंध में विस्तृत समीक्षा की। विभागीय आधिकारी ने बताया कि टीकाकरण एवं पशु उपचार का कार्य जारी है। इसी प्रकार बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, वात्सोपादन का कार्य लक्ष्य अनुसार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने अनुदान पर बैकयार्ड कुटकुट इकाई वितरण, शत-प्रतिशत अनुदान पर सांड वितरण योजना, नर बकरा, सुकरत्रयी इकाई वितरण योजना, राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना एवं केसीसी के लक्ष्य पर उपलब्धि की जानकारी दी।


बिरहोर एवं आदिवासी क्षेत्रों में मत्स्य संवर्धन की दिशा में करें कार्य
कलेक्टर  गोयल ने मछली पालन विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मत्स्य बीज संवर्धन मत्स्य, मत्स्याखेट हेतु जाल, नाव वितरण जैसी विभिन्न योजनाओं के प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जिले के बिरहोर क्षेत्रों के तालाबों में मत्स्य संवर्धन हेतु निर्देशित किया। उन्होंने फुटकर मछली विक्रय योजना अंतर्गत योजना से लाभान्वित हितग्राहियों को ट्रेस करने के निर्देश दिए, ताकि अन्य हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल सके। कलेक्टर श्री गोयल ने जिले के जलाशय में केज कल्चर में वृद्धि करने हेतु निर्देशित किया। समीक्षा के दौरान उन्होंने आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के जलाशयों में मछली बीज संवर्धन के लिए डीएफओ धरमजयगढ़ को समूह एवं जलाशय चयन करने के निर्देश दिए, ताकि वे मत्स्य सेवन से प्रोटीन प्राप्त करने के साथ वे इसका व्यावसायिक उपयोग कर सके।

बारिश से पूर्व बनाएं वृक्षारोपण की कार्य योजना
कलेक्टर गोयल ने वन विभाग की कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने डीएफओ रायगढ़ एवं धरमजयगढ़ को निर्देशित किया कि बारिश से पूर्व वृक्षारोपण हेतु विस्तृत कार्ययोजना बना ले, इसमें भूमि चिन्हांकन के साथ बड़ी संख्या में पौधे तैयार करना सुनिश्चित करें। डीएफओ धरमजयगढ़ ने बताया कि विभागीय नर्सरी में 2 लाख से अधिक मिश्रित किस्म के पौधे मौजूद हैं। इसके साथ ही अन्य पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इस दौरान कलेक्टर  गोयल ने नीम, जामुन, मुनगा, कटहल, आम, इमली, गुलमोहर, अमलतास, लेमनग्रास, बांस जैसे विभिन्न पौधे की वेरायटी सुनिश्चित करने के साथ ही फलदार वृक्ष आश्रम-छात्रावासों के परिसर में लगाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने डीएफओ को वनों में हो रहे अतिक्रमण पर रोक लगाने एवं वन्य जीव के हो रहे शिकार पर कड़ी कार्रवाई हेतु निर्देशित किया। डीएफओ धरमजयगढ़ ने बताया कि नरवा विकास योजना अंतर्गत एरिया ट्रीटमेंट में 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसके तहत विभिन्न स्ट्रक्चर का कार्य किया जा रहा हैं, जिससे भू-जल स्तर में वृद्धि होने के साथ फसलों को भी लाभ मिल रहा हैं।

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