Raigarh News: मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण महत्वपूर्ण, समन्वय से करें कार्य-कलेक्टर कार्तिकेया गोयल

0
1

15 दिवस में मनाए ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस, गर्भवती महिला एवं कुपोषित बच्चों को करें ट्रेस
जिले में कुपोषण की ली जानकारी, एनआरसी से बच्चों को लाभान्वित करने के दिए निर्देश
स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास जच्चा-बच्चा का रखे विशेष ध्यान, शत-प्रतिशत करें संस्थागत प्रसव
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बिरहोर एवं पहाड़ी कोरवाओं को करें लाभान्वित
महतारी वंदन योजना में प्रगति लाने के दिए निर्देश
कलेक्टर गोयल ने ली महिला एवं बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त बैठक

रायगढ़, 9 फरवरी 2024/ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण महत्वपूर्ण है, इसे बेहतर करने महिला बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग समन्वय करते हुए कार्य करें। गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के सेहत के लिए ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस हर 15 दिवस में आयोजित करें, जिससे गर्भवती, शिशुवती माताओं एवं कुपोषित बच्चों को ट्रेस कर लाभान्वित कर सके। उक्त बातें कलेक्टर श्री गोयल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित महिला बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त बैठक में कही। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्द्र यादव, सहायक कलेक्टर श्री युवराज मरमट उपस्थित रहें।

कलेक्टर श्री गोयल ने महिला एवं बाल विकास के कार्यो की परियोजनावार गहन समीक्षा करते हुए कहा कि विभागीय योजनाओं में मातृत्व एवं शिशु के पोषण, स्वास्थ्य काफी महत्वपूर्ण हैं, योजनाओं का सही क्रियान्वयन आवश्यक हैं। जिससे जिले में मातृत्व सुरक्षा, पोषण सुनिश्चित हो और जच्चा-बच्चा स्वस्थ हो। कलेक्टर श्री गोयल ने निर्देशित किया की शत-प्रतिशत कुपोषित बच्चों को एनआरसी का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने सुपरवाइजरों को कुपोषित बच्चों के परिजनों को एनआरसी में भर्ती करने हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डीपीओ एवं सीएमएचओ को एनआरसी में सीसीटीवी कैमरे का ब्रॉडकास्ट के निर्देश दिए, ताकि बेहतर ढंग से मॉनिटरिंग किया जा सके।

कलेक्टर गोयल ने कहा की एनआरसी में शत-प्रतिशत बेड भरे होने चाहिए। उन्होंने दोनों विभागों को ग्राउंड लेवल पर मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को बेहतर कार्य करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के चेकअप एवं टीकाकरण के निर्देश भी दिए। कलेक्टर गोयल ने बाल संदर्भ योजना में अधिक से अधिक कैंप लगाकर कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन के निर्देश दिए। संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया की उप स्वास्थ्य केंद्रो में संस्थागत प्रसव में वृद्धि करें करें। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी ली। विभागीय अधिकारी ने बताया कि महिलाओं के पोषण एवं शिशु के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर महिलाओं पहले बच्चे पर 5 हजार एवं दूसरी संतान में सिर्फ बेटी होने पर 6 हजार रुपए प्रदान किया जाता है। जिस पर कलेक्टर गोयल ने अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने स्थापना, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिका की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन आंगनबाड़ी में रिक्त पद है, उनका विज्ञापन निकाल कर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करें।

जिला कार्यक्रम अधिकारी एल.आर.कच्छप, जिला महिला बाल विकास अधिकारी श्री अतुल दांडेकर, डीपीएम सुश्री रंजना पैकरा, समस्त बीएमओ, बीएमपी, सुपरवाइजर उपस्थित थे।

महतारी वंदन योजना में प्रगति लाने के दिए निर्देश
कलेक्टर गोयल ने महतारी वंदन योजना के फार्म प्राप्ति एवं एंट्री की समीक्षा की। उन्होंने कहा की जिले में टारगेट बना कर फॉर्म भरवाने के साथ ही एंट्री सुनिश्चित करें। इस दौरान उन्होंने सभी अधिकारियो को निर्देशित किया की अधिक से अधिक महिलाओं को योजना से लाभान्वित किया जाए।

ऋण योजनाओं से महिलाओं को करें लाभान्वित
महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ महिला कोष ऋण योजना की जानकारी ली। उन्होंने कहा महिलाओं को अधिक से अधिक ऋण योजनाओं से लाभान्वित करें। इसका ग्रामीण स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करे, जिससे महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में विशेष पिछड़ी जनजाति को करें फोकस
कलेक्टर गोयल ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समीक्षा की। उन्होंने जिले में बिरहोर, पहाड़ी कोरवा जैसी जनजाति समूह को योजना में शामिल करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार सांसद आदर्श ग्राम के तहत् अनुसूचित जाति के लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की इस योजना में अंतरजातीय विवाह करने वालों का निरीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को अन्य विभागों के संचालित योजनाओं का लाभ भी प्रदान करना सुनिश्चित करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here