Raigarh News: रायगढ़ पुलिस का बड़ा खुलासा : “फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम से 1.11 करोड़ की ठगी मास्टरमाइंड सहित 22 गिरफ्तार”

रायगढ़ April 14, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
Raigarh News: रायगढ़ पुलिस का बड़ा खुलासा : “फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम से 1.11 करोड़ की ठगी मास्टरमाइंड सहित 22 गिरफ्तार”

Raigarh News: रायगढ़ पुलिस का बड़ा खुलासा : “फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम से 1.11 करोड़ की ठगी मास्टरमाइंड सहित 22 गिरफ्तार”

 7 हजार लोगों को बनाया गया ठगी का शिकार

फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर चल रहा था ठगी का कॉल सेंटर

रायगढ़ टॉप न्यूज 14 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर चल रहे संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में गिरोह के मास्टरमाइंड सहित 22 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने देशभर के करीब 7 हजार लोगों से 1.11 करोड़ रुपये की ठगी की। हैरानी की बात यह है कि इस मामले में वर्ष 2023 में पहले ही FIR दर्ज हो चुकी थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस बार एसपी की सख्ती के चलते पूरा नेटवर्क बेनकाब हो गया।

पुलिस ने मेट्रोमोनियल साइट के नाम पर चल रहे बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 22 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने देशभर के करीब 7 हजार लोगों से 1 करोड़ 11 लाख रुपये की ठगी की है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी एक संगठित नेटवर्क के तहत फर्जी मेट्रोमोनियल प्रोफाइल बनाकर लोगों को शादी का झांसा देते थे। इसके बाद कॉल सेंटर के माध्यम से संपर्क कर रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग फीस और अन्य बहानों से पैसे वसूलते थे।

पहले भी हुआ था FIR
एक शिकायत के आधार पर 2023 में बाकायदा इसकी जाँच हुई थी और FIR भी दर्ज कर ली गई थी लेकिन आगे fir कोई कार्रवाई नहीं हुई। आगे क्या हुआ यह जानकारी भी किसी को नहीं दी गई। मामला उस समय सुर्खियों में भी नहीं आया था लेकिन इस बार आरोपी SP शशि मोहन सिंह के नजरों से नहीं बच सके।

फर्जी पहचान और भरोसे का खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी महिलाओं के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर पीड़ितों से बातचीत करते थे। भरोसा जीतने के बाद वे शादी की बात आगे बढ़ाते और फिर अलग-अलग शुल्क के नाम पर रकम ट्रांसफर करवाते थे। कई मामलों में पीड़ितों से बार-बार पैसे ऐंठे गए।

कॉल सेंटर से ऑपरेट होता था पूरा गिरोह
पुलिस ने बताया कि यह पूरा रैकेट एक कॉल सेंटर की तरह संचालित हो रहा था, जहां प्रशिक्षित कर्मचारी स्क्रिप्ट के अनुसार लोगों से बात करते थे। अलग-अलग टीम बनाकर टारगेट तय किए जाते थे और उसी के अनुसार ठगी को अंजाम दिया जाता था।

तकनीकी जांच से खुलासा
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच शुरू की। इसके बाद गिरोह के ठिकाने तक पहुंचकर छापेमारी की गई, जहां से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, कंप्यूटर, बैंक दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई।

एसपी ने दी सतर्क रहने की सलाह
एसपी शशि मोहन सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान मेट्रोमोनियल साइट या ऑनलाइन प्रोफाइल पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की फीस या पैसे ट्रांसफर करने से पहले पूरी जानकारी सुनिश्चित करें।

इस कार्रवाई से एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की कड़ियों की भी जांच कर रही है, जिससे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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