राष्ट्रपति भवन में गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम… मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा को मिला देश का प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान
राष्ट्रपति भवन में गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम… मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा को मिला देश का प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण उस समय आया, जब प्रदेश के पाटन से जुड़े मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा को भारतीय सेना में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, विशिष्ट सेवाओं और राष्ट्र के प्रति असाधारण योगदान के लिए अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित किया गया। सोमवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान प्रदान किया।
करीब चार दशक तक भारतीय सेना में सेवा देने वाले मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा ने जम्मू-कश्मीर, सियाचिन, कारगिल और पूर्वोत्तर भारत जैसे अत्यंत चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने कई आतंकवाद-रोधी और उग्रवाद-रोधी अभियानों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। वे भारतीय सेना के प्रशिक्षित हेलीकॉप्टर पायलट भी हैं और अनेक परिचालन अभियानों में हेलीकॉप्टर उड़ाकर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
मेजर जनरल शर्मा ने लगभग साढ़े तीन वर्षों तक फ्रांस में भारत के रक्षा अताशे के रूप में भी कार्य किया। इस दौरान उनके कार्यक्षेत्र में फ्रांस के अलावा बेल्जियम, नीदरलैंड्स और लक्ज़मबर्ग भी शामिल रहे। उनके कार्यकाल में भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिली। इसी अवधि में राफेल लड़ाकू विमान और स्कॉर्पीन पनडुब्बी जैसी महत्वपूर्ण रक्षा परियोजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चार बार फ्रांस का दौरा किया, जिससे दोनों देशों के रणनीतिक संबंध और मजबूत हुए।
वर्तमान में मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एवं प्रबंध निदेशक (MD) के रूप में कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल के तहत रूस के सहयोग से भारतीय सेना के लिए छह लाख अत्याधुनिक AK-203 असॉल्ट राइफलों का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना देश की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
इससे पहले भी मेजर जनरल शर्मा को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दो बार सेना मेडल तथा विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। अति विशिष्ट सेवा मेडल उनके सैन्य करियर का चौथा प्रमुख राष्ट्रीय सैन्य सम्मान है।
उनकी इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संगठनों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। प्रदेश के लिए यह सम्मान गर्व और प्रेरणा का प्रतीक माना जा रहा है।