केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी 140 करोड़ देशवासियों के सम्मान पर चोट – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री साय ने महुआ मोइत्रा के बयान को बताया विपक्ष की दूषित मानसिकता का प्रमाण
रायपुर, 30 अगस्त/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी पर तृणमूल कांग्रेस की सांसद द्वारा की गई टिप्पणी न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि यह गंभीर आपराधिक कृत्य है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल एक व्यक्ति पर की गई टिप्पणी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की गरिमा और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा हुआ विषय है। गृहमंत्री देश की सुरक्षा और एकता के सर्वोच्च प्रहरी हैं और उन पर इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी वास्तव में लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अपमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बताती है कि विपक्ष किस प्रकार राजनीति में निम्न स्तर तक गिर चुका है और किस प्रकार व्यक्तिगत आक्षेपों के माध्यम से लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा को लगातार ठेस पहुँचाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी टिप्पणियाँ यह दर्शाती हैं कि जब विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं रह जाता, तो वह देश के शीर्ष नेतृत्व पर व्यक्तिगत और अपमानजनक हमले करता है। उन्होंने इसे “दूषित मानसिकता” और “राजनीतिक दिवालियापन” की संज्ञा दी और कहा कि जो लोग जनता को सकारात्मक दिशा देने में असमर्थ हैं, वे इसी तरह की बयानबाज़ी कर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं। श्री साय ने यह भी कहा कि इस तरह के आपत्तिजनक वक्तव्य केवल संसद और राजनीति की गरिमा को ही नहीं, बल्कि आम जनता की संवेदनाओं को भी आहत करते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की आलाकमान और मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी की अनुमति और शह के बिना इस प्रकार की दुस्साहसपूर्ण टिप्पणी संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी की संस्कृति और नेतृत्व का असर कार्यकर्ताओं और सांसदों के आचरण में परिलक्षित होता है। जब एक सांसद इस प्रकार का बयान देती हैं, तो यह मान लेना स्वाभाविक है कि इसके पीछे नेतृत्व की मौन सहमति या प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष समर्थन अवश्य रहा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि ऐसा नहीं है, तो ममता बनर्जी को तुरंत सार्वजनिक रूप से इसका खंडन करना चाहिए और अपनी पार्टी की नेत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने चुनौतीपूर्ण लहज़े में कहा कि अब समय आ गया है कि ममता बनर्जी यह स्पष्ट करें कि क्या वे महुआ मोइत्रा के इस बयान से सहमत हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि ममता बनर्जी इस बयान से सहमत हैं, तो यह साफ हो जाएगा कि तृणमूल कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व भी इसी दूषित मानसिकता का पोषण कर रहा है। और यदि वे सहमत नहीं हैं, तो उन्हें तत्काल अपनी पार्टी की सांसद पर दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। श्री साय ने कहा कि देश की जनता अब इस दोहरी राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी और ममता बनर्जी को साफ-साफ जवाब देना ही होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक विवादित बयान का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे राजनीतिक तंत्र की विश्वसनीयता और देश के संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान से जुड़ा प्रश्न है। गृहमंत्री पर इस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग करके विपक्ष ने यह साबित कर दिया है कि उसके पास न तो जनहित के मुद्दे हैं और न ही जनहितकारी राजनीति करने का इरादा। श्री साय ने कहा कि यह हमला वास्तव में 140 करोड़ भारतीयों की अस्मिता और आत्मसम्मान पर है और हर देशवासी को इसका विरोध करना चाहिए।















श्री साय ने जोर देकर कहा कि ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को इस आपत्तिजनक कृत्य के लिए पूरे देश से माफी माँगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और आलोचना की जगह हमेशा बनी रहती है, लेकिन यदि वह आलोचना अपमानजनक भाषा में उतर आए, तो यह किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की राजनीति में मतभेदों को वाणी की मर्यादा में व्यक्त करना ही लोकतांत्रिक संस्कृति है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस की सांसद का बयान उस मर्यादा का घोर उल्लंघन है।
मुख्यमंत्री साय ने दोहराया कि इस प्रकार की घटनाएँ केवल व्यक्तिगत गरिमा पर आघात नहीं करतीं, बल्कि यह हमारे लोकतांत्रिक ताने-बाने और राजनीतिक संवाद की स्वस्थ परंपरा पर भी चोट करती हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को यह समझना चाहिए कि सत्ता पाने की दौड़ में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल देश को कमजोर करता है और जनता का विश्वास राजनीतिक प्रणाली से उठाता है। उन्होंने विपक्षी दलों से आह्वान किया कि वे राजनीति में गरिमा, संयम और सकारात्मक संवाद की संस्कृति को बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह देश की आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी प्रयासों और सीमा सुरक्षा जैसे गंभीर दायित्वों का निर्वहन करते हैं। ऐसे व्यक्ति पर इस प्रकार की टिप्पणी करना केवल राजनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत निंदनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बयान से स्पष्ट है कि विपक्ष को न तो देश की सुरक्षा की चिंता है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों की। उन्होंने कहा कि भाजपा और जनता दोनों ही इस अपमानजनक कृत्य का पुरज़ोर विरोध करेंगे।
उल्लेखनीय है कि तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने हाल ही में सार्वजनिक तौर पर दिए एक बयान में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की हत्या किये जाने, का आह्वान किया था। इसकी देश भर में कड़ी प्रतिक्रिया हो रही है।