गीता महोत्सव में नवीन जिन्दल फाउंडेशन की पहल पर मोबाइल साइंस लैब ने दर्ज कराई प्रभावशाली उपस्थिति

नवीन जिन्दल फाउंडेशन पवेलियन में अब लाइव प्रयोग और खगोल दर्शन बनेंगे विशेष आकर्षण का केंद्र
कुरुक्षेत्र, 02 दिसंबर। नवीन जिन्दल फ़ाउंडेशन के सहयोग से संचालित मोबाइल साइंस लैब बस, जोकि सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इन इंडिया द्वारा चलाई जा रही है, अब अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में भी अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज करा रही है।
सांसद नवीन जिन्दल की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है, ताकि वे विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र से जुड़कर विकसित भारत 2047 मिशन में योगदान दे सकें। महोत्सव में यह विज्ञान बस आगामी तीन दिनों तक नवीन जिंदल फाउंडेशन के पवेलियन पर स्थापित रहेगी, जहाँ आगंतुक विज्ञान का लाइव, इंटरएक्टिव और रोमांचक अनुभव प्राप्त करेंगे।
विज्ञान बस का सबसे बड़ा आकर्षण रात्रिकालीन खगोल दर्शन (Night Sky Watching) रहेगा। हर शाम दूरबीनों की मदद से लोगों को चंद्रमा, बृहस्पति और अन्य खगोलीय पिंडों का सीधा अवलोकन कराया जाएगा। इसके साथ ही सरल और प्रभावशाली विज्ञान प्रयोग तथा मॉडल प्रदर्शन भी आगंतुकों को विज्ञान की मूलभूत अवधारणाओं को समझने में मदद करेंगे।

पेवेलियन कोऑर्डिनेटर डॉ. राज कुमार ने बताया कि यह बस सांसद नवीन जिन्दल के सहयोग से कुरुक्षेत्र के राजकीय विद्यालयों में विज्ञान शिक्षा को सरल, रोचक और प्रेरणादायी ढंग से पहुँचाने के लिए विशेष रूप से जानी जाती है। अब तक यह पहल 43 सरकारी विद्यालयों में पहुँचकर 11,863 विद्यार्थियों और शिक्षकों को विज्ञान के प्रति जागरूक कर चुकी है। अब नवीन जिन्दल फ़ाउंडेशन और एसपीएसटीआई का यह संयुक्त प्रयास विज्ञान को विद्यालयों से बाहर निकालकर जन-जन तक पहुँचाने और समाज में वैज्ञानिक सोच तथा जिज्ञासा को बढ़ावा देने का सराहनीय प्रयास है।
इसी दौरान नवीन जिन्दल फाउंडेशन के पवेलियन में आज पूरे दिन विशेष चहल-पहल रही। पवेलियन में लगे महात्मा ज्योतिबा फुले इंटरनेशनल स्किल सेंटर और कुरुक्षेत्र इंटरनेशनल स्किल सेंटर के स्टॉल्स पर भारी भीड़ देखने को मिली। कुरुक्षेत्र इंटरनेशनल स्किल सेंटर स्टॉल के कोऑर्डिनेटर डॉ. विजय गोपाल धीमान ने बताया कि सैनिक स्कूल और जयराम विद्यापीठ लोहार माजरा के अध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने स्टॉल पर पहुँचकर संस्थान द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी ली तथा एसपीएसटीआई द्वारा स्थापित मोबाइल टेलीस्कोप से विभिन्न खगोलीय पिंडों का अवलोकन भी किया।
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