साइकिल से वार्डों में पहुंच रहे महापौर, कीचड़-कचरे के बीच सुन रहे जनता की आवाज
साइकिल से वार्डों में पहुंच रहे महापौर, कीचड़-कचरे के बीच सुन रहे जनता की आवाज
वार्ड 42 बजरंग पारा कॉलोनी का औचक निरीक्षण, सफाई-पानी-बिजली व्यवस्था का लिया जायजा
महापौर बोले- हर वार्ड की समस्या का समाधान और बेहतर मूलभूत सुविधाएं देना मेरी पहली जिम्मेदारी
रायगढ़। शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाने और आम लोगों की समस्याओं को करीब से समझने के लिए महापौर जीवर्धन चौहान लगातार शहर के अलग-अलग वार्डों का दौरा कर रहे हैं। खास बात यह है कि उनका यह दौरा किसी औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहता। वे कभी साइकिल से तो कभी पैदल ही गलियों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद करते हैं और मौके पर ही समस्याओं को देखते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हैं। इसी क्रम में सोमवार सुबह महापौर जीवर्धन चौहान ने वार्ड क्रमांक 42 बजरंग पारा कॉलोनी का औचक निरीक्षण किया। क्षेत्र के पार्षद उस्त भट्ट एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ उन्होंने वार्ड की साफ-सफाई, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया।
इस दौरान महापौर ने आम लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।महापौर जीवर्धन चौहान की कार्यशैली में उनकी सादगी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। शहर के किसी भी वार्ड में जाना हो, वे साइकिल से निकल पड़ते हैं। जहां सड़क पर कीचड़ है, वहां भी बिना झिझक साइकिल लेकर पहुंच जाते हैं, कचरे का ढेर हो तो उसके बीच जाकर स्थिति देखते हैं और जहां नालियों से बदबू आती है, वहां भी खड़े होकर सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हैं। कई बार वे पैदल ही गलियों के भीतर तक पहुंचते हैं और स्थानीय लोगों से पूछते हैं कि उन्हें किस तरह की परेशानी हो रही है। यही सहजता और जमीन पर उतरकर समस्याओं को देखने का उनका अंदाज उन्हें दूसरे नेताओं से अलग पहचान देता है।महापौर का कहना है कि महापौर बनने का मतलब केवल कार्यालय में बैठना नहीं, बल्कि जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझना और उनका समाधान कराना है। यही वजह है कि वे लगातार वार्डों का दौरा कर रहे हैं।महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि महापौर बनने के बाद शहर के हर वार्ड की जिम्मेदारी उनकी है।
उन्होंने कहा कि हर वार्ड में साफ-सफाई बेहतर हो, नाली और सड़क की व्यवस्था ठीक रहे, लोगों को पर्याप्त पानी और बिजली मिले तथा मूलभूत सुविधाओं में किसी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना उनकी पहली प्राथमिकता है।उन्होंने कहा कि प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओमप्रकाश चौधरी जिस तरह छत्तीसगढ़ और रायगढ़ के विकास के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, उससे हम सभी को प्रेरणा मिलती है। जब वे पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ जनता के लिए काम कर सकते हैं, तो हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि हम अपने शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पूरी मेहनत करें।महापौर का लगातार साइकिल से वार्डों में पहुंचना और आम लोगों के बीच जाकर समस्याएं सुनना उनकी अलग कार्यशैली के रूप में देखा जा रहा है। कीचड़, कचरे के ढेर और बदबूदार नालियों से गुजरने में भी वे पीछे नहीं हटते। उनका मानना है कि अगर किसी समस्या को दूर करना है तो पहले उसे करीब से देखना और महसूस करना जरूरी है। बिना किसी औपचारिकता के गलियों तक पहुंचना, स्थानीय लोगों से बातचीत करना और मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश देना उनकी जमीनी कार्यशैली को दर्शाता है।
वार्डवासियों का कहना है कि महापौर के इस तरह सीधे उनके बीच पहुंचने से उन्हें अपनी बात रखने का अवसर मिल रहा है। साइकिल से गलियों में पहुंचने, कीचड़ और कचरे के बीच जाकर समस्याएं देखने तथा बदबूदार नालियों के पास खड़े होकर व्यवस्था का जायजा लेने की उनकी सादगी और मेहनत लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। महापौर की सादगी और लगातार मेहनत को लेकर लोगों में सकारात्मक चर्चा भी देखने को मिल रही है।निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य सुरेश गोयल, पार्षद विजय चौहान, पार्षद कुंदन चौहान, पार्षद पति रमेश दूतिय, पूर्व पार्षद राघवन सिंह, जनता पार्षद रामाधार साहू, निलाम्बर पटेल, श्रीकांत साहू, भीम यादव, स्वास्थ्य विभाग प्रभारी रमेश तांती सहित नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।