खरसिया हमालपारा में शीतला माता मंदिर में भारी तोड़फोड़, सक्त कार्यवाही की मांग हुई
खरसिया हमालपारा में शीतला माता मंदिर में भारी तोड़फोड़, सक्त कार्यवाही की मांग हुई
खरसिया : हमालपारा खरसिया स्थित धार्मिक आस्था का केंद्र शीतला माता मंदिर परिसर की दो मढ़ी को विद्युत पोल शिफ्टिंग का कार्य करने वाले ठेकेदार के मजदूरों द्वारा तोड़ दिए जाने से आक्रोश फैल गया। मंदिर में इस तरह तोड़फोड़ किए जाने से बड़ी संख्या में भक्त श्रद्धालु मंदिर पहुंच गए। मामले की भनक लगते ही एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओपी, सीएमओ, पुलिस चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और किसी तरह लोगों को समझाइश देकर शांत किया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस मजदूरों को अपने साथ ले गई है।
दोपहर बाद लगभग 3:30 बजे करीब उसे समय हमालपारा के लोगों में आक्रोश फैल गया, जब रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण अंतर्गत आ रहे बिजली खंबो को शिफ्ट करने का कार्य करने वाले ठेकेदार के मजदूरों ने खरसिया के शीतला मंदिर परिसर में स्थित माता की दो मढ़ी को सब्बल और घन से तोड़ दिया। जैसे ही यह बात फैली बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता मंदिर पहुंच गए और तोड़फोड़ करने वाले लोगों से पूछताछ करने लगे तब पता चला कि पोल शिफ्टिंग का कार्य करने वाले ठेकेदार नरेंद्र साहू नाम के ठेकेदार ने मजदूरों को भेजा है। इस तरह माता मंदिर में तोड़फोड़ किए जाने से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई और लोग बड़ी संख्या में मंदिर परिसर में एकत्र हो गए। घटना की जानकारी होने पर खरसिया एसडीएम प्रवीण भगत तहसीलदार, एसडीओपी भार्गव पुलिस चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी एवं नगर पालिका सीएमओ अपने मातहत कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइए देते हुए शांति बनाए रखने की अपील की साथ ही उन्होंने मंदिर में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन भी लोगों को दिया तब जाकर लोग शांत हुए। तोड़फोड़ के लिए जिम्मेदार ठेकेदार नरेंद्र साहू ने अधिकारियों तक का फोन नही उठाया, तब ठेकेदार के मजदूरों को पुलिस सुरक्षा की दृष्टि से अपने साथ बिठाकर पुलिस चौकी ले गई। इस बीच हमालपारा के निवासियों ने खरसिया पुलिस चौकी में आवेदन देकर मंदिर में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
हिंदू आस्था केंद्र है शीतला माता मंदिर
हमालपारा स्थित शीतला मंदिर हिंदू आस्था के केंद्र के रूप में नगर में विख्यात है। यहां हरियाणा राजस्थान के विभिन्न ऐतिहासिक मंदिरों से ईंट लाकर माता में मढ़ी बनाई गई है जिसमें शीतला अष्टमी नवमी और बासोड़ा को विशेष पूजा अर्चना की जाती है इसमें भारी भीड़ उमड़ती है।