Jashpur News: करंट के तार की चपेट में नर हाथी की मौत, जशपुर में डेढ़ किमी बिछा था शिकार के लिए तार, 6 गिरफ्तार, 5 की तलाश जारी

छत्तीसगढ़ September 26, 2026 • रिपोर्टर: raigarh top news
Jashpur News: करंट के तार की चपेट में नर हाथी की मौत, जशपुर में डेढ़ किमी बिछा था शिकार के लिए तार, 6 गिरफ्तार, 5 की तलाश जारी

Jashpur News: करंट के तार की चपेट में नर हाथी की मौत, जशपुर में डेढ़ किमी बिछा था शिकार के लिए तार, 6 गिरफ्तार, 5 की तलाश जारी

जशपुर। जशपुरनगर जिले के दुलदुला वन परिक्षेत्र में करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से एक नर हाथी की मौत हो गई। वन विभाग की जांच के मुताबिक, जंगल और खेत की सीमा पर वन्यजीवों के शिकार के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर तक बिजली का तार बिछाया गया था। इसी तार की चपेट में आने से हाथी की मौत होने की आशंका है। मामले में वन विभाग ने 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि 5 अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

24 सितंबर को जंगल में मिला था हाथी का शव

हाथी का शव 24 सितंबर की सुबह ढोढ़ीआरा गांव के नोनपानी जंगल में मिला था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि जंगल और खेत की सीमा पर करीब 1.5 किलोमीटर तक करंट वाले तार बिछाए गए थे। वन विभाग के अनुसार, यह तार जंगली सूअर या अन्य वन्यजीवों के शिकार के लिए बिछाया गया होने की आशंका है। इसी के संपर्क में आने से हाथी की मौत होने की बात सामने आई है।

 तीन घरों की तलाशी में तार और शिकार सामग्री मिली

जांच के दौरान संदिग्ध लोगों से अलग-अलग पूछताछ की गई। इसके बाद टीम ने ढोढ़ीआरा गांव में तीन मकानों की विधिवत तलाशी ली। इस दौरान बिजली का करंट लगाने में इस्तेमाल होने वाले तार और अन्य सामग्री बरामद हुई। एक मकान से मोर के पंख और वन्यजीवों के शिकार में इस्तेमाल होने वाला फंदा भी मिला। वन विभाग ने सभी बरामद सामग्री को जब्त कर सीलबंद किया है।

 निशानदेही पर जंगल से भी बरामद किया तार

वन विभाग के मुताबिक, पोनहारी गांव के सलिंदर और रूपेश से पूछताछ में मिली जानकारी और उनकी निशानदेही पर जंगल के भीतर करीब एक किलोमीटर दूर नाले के पास छिपाकर रखा गया विद्युत तार भी बरामद किया गया। तार बिछाए जाने के मार्ग, घटनास्थल और बरामदगी की प्रक्रिया की फोटो और वीडियोग्राफी कराई गई, ताकि जांच के दौरान सभी साक्ष्यों का विधिवत दस्तावेजीकरण हो सके।

11 लोगों के समूह के शामिल होने की जानकारी

वन विभाग के अनुसार पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि करीब 11 लोगों का समूह वन्यजीवों के शिकार के लिए करंट प्रवाहित तार बिछाने में शामिल था। आरोप है कि हाथी की मौत के बाद तार को घटनास्थल से हटाकर कुछ सामग्री एक घर में और कुछ सामान जंगल में छिपा दिया गया था। जांच में सामने आए तथ्यों और बरामद साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग ने आरोपितों की गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की।

18 घंटे में 6 गिरफ्तारी, 5 की तलाश

वन विभाग के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने के करीब 18 घंटे के भीतर संदिग्ध आरोपितों की पतासाजी, गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। अब तक छह आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

गिरफ्तार आरोपितों में समीर टोप्पो निवासी धुरीअंबा, अगसतुस एक्का निवासी कोहड़ाफारी, रूपेश एक्का निवासी धुरीअंबा, दिनेश राम निवासी ढोढ़ीआरा, सलिंद्र राम निवासी कोहड़ाफारी और तरसियुस राम निवासी कोहड़ाफारी शामिल हैं। पांच अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

25 सितंबर को कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपितों का आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद 25 सितंबर की शाम उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई की गई। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।

वन विभाग का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

सरगुजा से पहुंचे पशु चिकित्सक ने किया पोस्टमार्टम

मृत नर हाथी का निर्धारित प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कराया गया। सरगुजा से आए पशु चिकित्सक डॉ. अजीत पांडेय और स्थानीय पशु चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान आवश्यक नमूने सुरक्षित किए गए हैं। हाथी की मौत के वास्तविक कारण की अंतिम पुष्टि फोरेंसिक जांच और संबंधित रिपोर्ट मिलने के बाद की जाएगी। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन्यजीव और छत्तीसगढ़ शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार मृत हाथी को विधिवत दफना दिया गया।

पुराने वन्यजीव अपराधों की भी होगी जांच

वन विभाग ने बताया कि मामले की जांच लगातार जारी है। गिरफ्तार आरोपितों के पूर्व में संभावित वन्यजीव अपराधों में शामिल होने की भी जांच की जा रही है। साथ ही विद्युत विभाग से तकनीकी परीक्षण और बिजली आपूर्ति से संबंधित आवश्यक अभिलेख भी लिए जा रहे हैं।

जशपुर DFO शशि कुमार ने बताया कि ढोढ़ीआरा के नोनपानी जंगल में करंट लगने से हाथी की मौत हुई थी। मामले में शामिल 11 लोगों में से छह आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं और पांच अन्य की तलाश जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

खबर शेयर करें: