छत्तीसगढ़ में नकली दवाइयों और उत्पादों का बड़ा नेटवर्क उजागर
करोड़ों की जीएसटी चोरी, प्रतिबंधित दवाओं व नकली सामान के कारोबार पर प्रशासन मौन

रायपुर: छत्तीसगढ़ में नकली दवाइयों, कॉस्मेटिक, खाद्य सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का अवैध व्यापार तेज़ी से फैल रहा है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में नकली और प्रतिबंधित दवाएं खुलेआम बेची जा रही हैं, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। दूसरी ओर, प्रशासन और संबंधित विभाग इस पूरे गोरखधंधे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार से 100 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी और एक्साइज चोरी कर राज्य को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
नकली दवाओं का बड़ा जाल, कई शहरों में सक्रिय गिरोह
रायगढ़, भाटापारा, कटनी, गोंदिया और जबलपुर के कुछ व्यापारी छत्तीसगढ़ में नकली दवाइयों की सप्लाई में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। रायपुर के देवेन्द्र नगर, गुढ़ियारी और फ़रिश्ता कॉम्प्लेक्स में भी नकली दवाइयां धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। बिना डॉक्टर की पर्ची के दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन बिल मांगने पर दुकानदार देने से मना कर देते हैं।
नकली उत्पादों का बड़ा हब बना रायपुर
रायपुर और आसपास के शहरों—तिल्दा, भाटापारा, दुर्ग, भिलाई, चकरभाटा—में ब्रांडेड कंपनियों के हूबहू नकली सामान बड़े पैमाने पर तैयार किए जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं—
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नकली कॉस्मेटिक
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खाद्य सामग्री (खोवा, पनीर, ड्रायफ्रूट)
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चाय, साबुन, कपड़े
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इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान
इन उत्पादों की सप्लाई गांव से लेकर बड़े बाजारों तक हो रही है। नकली कॉस्मेटिक उत्पादों से कैंसर व त्वचा रोगों का खतरा बढ़ रहा है। कई जगह एक्सपायरी उत्पादों पर नई तारीख लगाकर उन्हें बेचा जा रहा है।
नकली माल के पीछे विदेशी तस्करों का हाथ
सूत्रों के अनुसार इस अवैध कारोबार में पाकिस्तानी और बांग्लादेशी तस्करों का भी हाथ बताया जा रहा है। यह पूरा नेटवर्क छत्तीसगढ़ के बाजारों को सस्ते दर पर नकली माल से भर चुका है।
फूड एंड ड्रग विभाग व प्रशासन की लापरवाही उजागर
फूड एंड ड्रग सेफ्टी विभाग द्वारा नियमित जांच नहीं की जाती। शिकायत होने पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है। पुलिस विभाग के पास भी नकली उत्पादों पर कार्रवाई के लिए अलग से कोई विंग नहीं है।
कई फैक्ट्रियां छोटे नेताओं के संरक्षण में चल रही हैं, जिससे कार्रवाई मुश्किल हो जाती है।
जीएसटी चोरी का नया तरीका
अवैध कारोबारी ब्रांडेड कंपनियों की नकल करने वाली फर्जी यूनिटों से मिलकर जीएसटी चोरी कर करोड़ों रुपये बचा रहे हैं। इससे न सिर्फ सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा है बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ भी खेला जा रहा है।
मुख्य भंडारण केंद्र बने ये इलाके
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चकरभाटा
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तिल्दा
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भाटापारा
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रायगढ़
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बिलासपुर
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धमतरी
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चांपा
यहां से नकली उत्पाद पूरे छत्तीसगढ़ में सप्लाई किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं और उत्पादों का यह बढ़ता नेटवर्क न सिर्फ आर्थिक नुकसान का बड़ा कारण है, बल्कि लाखों लोगों के जीवन से जुड़ा गंभीर मुद्दा भी बन चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में इसका दुष्प्रभाव और अधिक खतरनाक हो सकता है।
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