EV डीलरशिप का सपना दिखाया, 100% कैशबैक का दिया झांसा; 31.80 लाख की ठगी में दो गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ September 20, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
EV डीलरशिप का सपना दिखाया, 100% कैशबैक का दिया झांसा; 31.80 लाख की ठगी में दो गिरफ्तार

EV डीलरशिप का सपना दिखाया, 100% कैशबैक का दिया झांसा; 31.80 लाख की ठगी में दो गिरफ्तार

EV डीलरशिप का सपना दिखाया, 100% कैशबैक का दिया झांसा; 31.80 लाख की ठगी में दो गिरफ्तार

कंपनी की डीलरशिप के नाम पर जमा कराए करोड़ों नहीं, लाखों रुपये, 11 इलेक्ट्रिक वाहन दिए लेकिन गुणवत्ता खराब बताकर वापस ले गए; रकम लौटाने के लिए दिए चेक भी हुए बाउंस

बालोद। इलेक्ट्रिक वाहनों की डीलरशिप और 100 प्रतिशत कैशबैक का लालच देकर 31.80 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में बालोद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने डीलरशिप दिलाने के नाम पर रकम जमा कराई, लेकिन बाद में न तो वादा पूरा किया और न ही पूरी रकम वापस की। रकम लौटाने के लिए दिए गए तीन चेक भी बैंक में स्टॉप पेमेंट के कारण बाउंस हो गए। दोनों आरोपियों को 19 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

डीलरशिप के साथ 100% कैशबैक का भरोसा

पुलिस के अनुसार, ग्राम भानपुरी निवासी मनीष कुमार साहू ने 5 मई 2026 को थाना सनौद में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि CBK EV MOTORS/CBK SERVICE CENTER, रायपुर के CEO नंदकिशोर साहू, MD लोकेश द्विवेदी और CMD पुरुषोत्तम साहू की ओर से इलेक्ट्रिक स्कूटी, स्कूल वैन, लोडर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान की डीलरशिप लेने पर 100 प्रतिशत कैशबैक देने का भरोसा दिलाया गया था।

शिकायत के मुताबिक, डीलरशिप के लिए 10 लाख रुपये जमा कराने के बाद कंपनी की ओर से प्रमाण पत्र दिया गया। इसके बाद इलेक्ट्रिक स्कूटी और इलेक्ट्रॉनिक सामान के लिए 20-20 लाख रुपये जमा कराने की बात कही गई।

अलग-अलग किश्तों में जमा किए 31.80 लाख रुपये

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ने कंपनी द्वारा बताए गए बैंक खातों में 30 मई 2024 से अलग-अलग किश्तों में कुल 31 लाख 80 हजार रुपये जमा किए। इसके बाद उसने ग्राम सनौद में कंपनी की डीलरशिप के लिए किराये पर दुकान भी ले ली।

कंपनी की ओर से प्रार्थी को 11 इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराए गए। हालांकि, वाहनों की गुणवत्ता को लेकर शिकायत के बाद कंपनी ने इन वाहनों को वापस ले लिया। इसके बाद नए वाहन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में वाहन नहीं दिए गए।

पैसे मांगे तो 1.45 लाख लौटाए, बाकी के दिए चेक

जब प्रार्थी ने अपनी रकम वापस मांगी तो पुलिस के मुताबिक, 6 सितंबर 2024 को धमतरी के भूपेंद्र दादर स्थित दुकान में उसे 1 लाख 45 हजार रुपये लौटाए गए।

बाकी रकम वापस करने के लिए कंपनी की ओर से तीन चेक दिए गए। लेकिन बैंक में चेक लगाने पर तीनों स्टॉप पेमेंट के कारण बाउंस हो गए। इसके बाद प्रार्थी ने मामले की शिकायत पुलिस से की।

जांच के बाद बिलासपुर और सारंगढ़ से पकड़े गए आरोपी

शिकायत के आधार पर थाना सनौद में अपराध क्रमांक 40/2026 के तहत धारा 420, 34 भादवि के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस अधीक्षक बालोद किरण चव्हाण और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गर्वा के निर्देश तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी गुरूर माया शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सनौद सोनसिंह सोरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।

पुलिस ने आरोपी लोकेश द्विवेदी को बिलासपुर और पुरुषोत्तम साहू को सारंगढ़ से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उन्हें 19 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया।

दोनों आरोपियों को न्यायालय बालोद के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

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