मंत्रालय में अब अनिवार्य होगी आधार-बायोमेट्रिक उपस्थिति: 1 दिसंबर से लागू, जनवरी से सभी संचालनालयों में विस्तार

छत्तीसगढ़ November 19, 2025 • रिपोर्टर: raigarh top news
मंत्रालय में अब अनिवार्य होगी आधार-बायोमेट्रिक उपस्थिति: 1 दिसंबर से लागू, जनवरी से सभी संचालनालयों में विस्तार

मंत्रालय में अब अनिवार्य होगी आधार-बायोमेट्रिक उपस्थिति: 1 दिसंबर से लागू, जनवरी से सभी संचालनालयों में विस्तार

रायपुर। प्रशासनिक पारदर्शिता, समयपालन और कार्यकुशलता को और अधिक मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रालय के दोनों परिसरों—महानदी भवन और इन्द्रावती भवन—में आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) को अनिवार्य करने की घोषणा की है। वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में मुख्य सचिव विकास शील की उपस्थिति में नए सिस्टम का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया, जिसमें फेसियल ऑथेंटिकेशन आधारित उपस्थिति प्रणाली और प्रवेश द्वारों पर लगे बायोमेट्रिक उपकरणों का प्रदर्शन शामिल था।

सरकार के अनुसार यह प्रणाली कल से परीक्षण के रूप में शुरू होगी, जबकि 01 दिसंबर 2025 से मंत्रालय में AEBAS के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि 01 जनवरी 2026 से यह व्यवस्था सभी संचालनालयों और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में भी लागू कर दी जाए।


कर्मचारियों के लिए नई उपस्थिति व्यवस्था: दो विकल्प उपलब्ध

सरकार ने नए प्रोटोकॉल के तहत प्रत्येक कर्मचारी को रोजाना दो बार—प्रवेश के समय IN और प्रस्थान के समय OUT—उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया है। इसके लिए दो आसान विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं:

1. मोबाइल ऐप के माध्यम से फेसियल ऑथेंटिकेशन

कर्मचारी अपने मोबाइल फोन से आधार-आधारित फेसियल वेरिफिकेशन के जरिए उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे। यह तकनीक सुरक्षा और सुविधा दोनों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है।

2. प्रवेश द्वारों पर लगे आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपकरण

मंत्रालय के मुख्य द्वारों पर थम्ब-बेस्ड बायोमेट्रिक डिवाइसेज़ लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से भी IN/OUT उपस्थिति दर्ज की जा सकेगी।

दोनों प्रणालियाँ समान रूप से प्रभावी रहेंगी और कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी माध्यम का चयन कर सकेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी प्रवेश द्वारों पर उपकरणों की स्थापना पूरी कर ली है और सभी नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दे दिया है ताकि सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।


समयपालन पर सख्ती, विवरण अपडेट करना अनिवार्य

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके आधार और सेवा संबंधी विवरण उपस्थिति पोर्टल पर सही ढंग से दर्ज हों। नई व्यवस्था में लापरवाही या अनुपालन न करने के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा।

AEBAS को लागू करना राज्य सरकार की जवाबदेही, पारदर्शिता और सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता में सुधार लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह न केवल विभागीय कार्यों को सुव्यवस्थित बनाएगा, बल्कि कार्यसंस्कृति में अनुशासन को भी मजबूत करेगा।

मुख्य सचिव विकास शील ने कहा—
“मंत्रालय में फेसियल ऑथेंटिकेशन और आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपकरणों के उपयोग से हम आधुनिक, तकनीक-आधारित और जवाबदेह शासन व्यवस्था की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहे हैं। उम्मीद है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी समयपालन और पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।”

सरकार का यह कदम छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक ढांचे को अधिक पारदर्शी और डिजिटल रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।

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