शराब घोटाला मामला; पूर्व आबकारी मंत्री लखमा समेत 59 लोगों की हुई पेशी, अदालत ने फैसला रखा सुरक्षित

रायपुर। बहुचर्चित 3000 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में गुरुवार को जांच एजेंसी की कार्रवाई ने नया मोड़ ले लिया। प्रवर्तन निदेशालय की विशेष अदालत में इस केस से जुड़े 59 आरोपियों को एक साथ पेश किया गया, जहां उनके बयान दर्ज किए गए।
जानकारी के मुताबिक इस मामले में कुल 82 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से अब तक 23 की गिरफ्तारी हो चुकी है। बाकी आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है। कोर्ट में पेश किए गए सभी आरोपियों के बयान दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 88 के तहत दर्ज किए गए।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई बड़े नाम भी अदालत में मौजूद रहे। इनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल और निरंजन दास के अलावा आबकारी विभाग से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं। पेशी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कोर्ट परिसर को पूरी तरह से सुरक्षा घेरे में रखा गया था।
सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में कम संख्या में आरोपियों की पेशी की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर 59 हो गई। सभी आरोपियों को क्रमवार अदालत में पेश किया गया और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच के साथ बयान दर्ज किए गए।
जांच एजेंसी के अनुसार यह घोटाला शराब के अवैध व्यापार, कमीशनखोरी और राजस्व में गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है। लंबे समय से चल रही इस जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ती जा रही है।
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