Chhattisgarh: हथखोज की स्टील इंफ्रा सॉल्यूशन में हादसे की जांच, जांच में खुलीं गंभीर सुरक्षा खामियां, क्रेन संचालन पर लगा प्रतिबंध

छत्तीसगढ़ August 31, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
Chhattisgarh: हथखोज की स्टील इंफ्रा सॉल्यूशन में हादसे की जांच, जांच में खुलीं गंभीर सुरक्षा खामियां, क्रेन संचालन पर लगा प्रतिबंध

Chhattisgarh: हथखोज की स्टील इंफ्रा सॉल्यूशन में हादसे की जांच, जांच में खुलीं गंभीर सुरक्षा खामियां, क्रेन संचालन पर लगा प्रतिबंध

 

रायपुर, 31 अगस्त 2026. दुर्ग जिले के हथखोज स्थित मेसर्स स्टील इंफ्रा सॉल्यूशन कंपनी लिमिटेड में बीते 19 अगस्त को हुए दर्दनाक हादसे के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसे में सीएनसी हेल्पर राजेश कुमार निर्मलकर (40 वर्ष) की जान चली गई थी। 20 अगस्त को सहायक संचालक एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण में कारखाना प्रबंधन की कई गंभीर लापरवाहियां और सुरक्षा खामियां उजागर हुई हैं।

जांच में सामने आईं प्रमुख लापरवाहियां

क्रेन का संचालन किसी सक्षम और अधिकृत व्यक्ति के बजाय अकुशल श्रमिक) (अनस्किल्ड) वर्कर से कराया जा रहा था। सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी की गई, आई-बीम, क्रेन की चेन और संबंधित उपकरणों का नियमित रखरखाव नहीं किया गया था। क्रेन की चेन के हुक में सेफ्टी लैच/कैच तक गायब था, जिससे भारी सामान के फिसलने का खतरा बना हुआ था।

क्रेन संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), श्रमिकों के प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण और नियमित निरीक्षण में भारी कमियां पाई गईं। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि इसी कारखाने में 24 जनवरी 2026 को भी ई.ओ.टी. क्रेन संचालन के दौरान एक प्राणांतक हादसा हुआ था, जिस पर न्यायालय में अभियोजन दर्ज है। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों में सुधार नहीं किया गया।

विभाग की सख्त कार्रवाई

श्रमिकों की सुरक्षा और कार्यदशाओं को ध्यान में रखते हुए, उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता 2020 की धारा 38(1)(क) के तहत विभाग ने निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए हैं। क्रेन संचालन पर तुरंत रोकरू कारखाने में स्थापित सभी ई.ओ.टी. क्रेन और हाइड्रा क्रेन का संचालन आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। प्रबंधन को तकनीकी सुधारों की जानकारी और अनिवार्य दस्तावेज तत्काल प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। प्रतिबंधात्मक आदेश की अवधि के दौरान भी कारखाने के सभी कार्यरत श्रमिकों को निर्धारित तिथि पर उनका पूरा वेतन और भत्ते अनिवार्य रूप से देने के निर्देश दिए गए हैं।

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