अन्तर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में जनता के लिए स्वच्छता और ट्रेफिक सुविधाओं पर करना होगा फोकस : नवीन जिन्दल

देश October 29, 2026 • रिपोर्टर: raigarh top news
अन्तर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में जनता के लिए स्वच्छता और ट्रेफिक सुविधाओं पर करना होगा फोकस : नवीन जिन्दल

अन्तर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में जनता के लिए स्वच्छता और ट्रेफिक सुविधाओं पर करना होगा फोकस : नवीन जिन्दल

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की 83वीं बैठक में सांसद नवीन जिन्दल ने धर्मनगरी के समग्र विकास, 48 कोस के तीर्थों के संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को लेकर रखे अपने विचार

कुरुक्षेत्र, 29 अक्तूबर। कुरुक्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करते हुए धर्मनगरी को अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के प्रबंध मंडल की 83वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में हरियाणा के महामहिम राज्यपाल श्री असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज, सांसद नवीन जिन्दल और अन्य संबंधित गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। बैठक में धर्मनगरी के समग्र विकास, तीर्थस्थलों के संरक्षण, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार तथा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को और प्रभावी बनाने से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।

अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में जनता के लिए स्वच्छता और ट्रेफिक सुविधाओं पर करना होगा फोकस : नवीन जिन्दल
इस बैठक में अपने विचार व्यक्त करते हुए सांसद नवीन जिन्दल ने कहा कि कुरुक्षेत्र केवल हरियाणा की पहचान नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यह वह पावन भूमि है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश दिया। हमारा प्रयास होना चाहिए कि कुरुक्षेत्र की इस महान विरासत को संरक्षित रखते हुए यहां विकास की ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएं, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में जनता के लिए स्वच्छता और ट्रेफिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। इस महोत्सव में युवाओं की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि उनको सीखने का मौका मिले।

बैठक में कुरुक्षेत्र के समग्र विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इन प्रयासों के माध्यम से धर्मनगरी की ऐतिहासिक पहचान को और मजबूत करने तथा इसे देश-विदेश के श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

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