इंडियन आइडल फेम अमित साना के सुरों पर झूम उठे श्रोता
इंडियन आइडल फेम अमित साना के सुरों पर झूम उठे श्रोता
लोकप्रिय गीतों की शानदार प्रस्तुति से देर रात तक बंधे रहे संगीतप्रेमी, युवाओं में दिखा खासा उत्साह
‘दिल क्या करे’, ‘तू पास है ऐसे’ और ‘चांदी जैसे रंग है तेरा’ जैसे गीतों पर तालियों से गूंजा समारोह स्थल
रायगढ़, 20 सितम्बर 2026/ 41वें चक्रधर समारोह की सातवीं संध्या इंडियन आइडल के पहले सीजन के उपविजेता और लोकप्रिय गायक अमित साना की सुरीली आवाज के नाम रही। अपनी भावपूर्ण गायकी, मधुर आवाज और लोकप्रिय गीतों की शानदार प्रस्तुति से अमित साना ने संगीतप्रेमियों को देर रात तक बांधे रखा। जैसे ही उन्होंने मंच संभाला, समारोह स्थल तालियों की गूंज से भर उठा।
अमित साना ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत ‘ओम शांति ओम’ और ‘अनजाने राहें हैं, अनजान मंजिल’ जैसे गीतों से की। इसके बाद उन्होंने ‘दिल क्या करे किसी को प्यार हो जाए’, ‘चांदी जैसे रंग है तेरा’ और ‘तू पास है ऐसे, मेरे पास कोई एहसास हो जैसे’ जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। उनके गीतों के साथ दर्शकों की तालियों और उत्साह का सिलसिला लगातार बढ़ता गया। कई गीतों पर युवा दर्शक झूमते और कलाकार के साथ सुर मिलाते नजर आए।
सुरों की मिठास और भावपूर्ण गायकी ने जीता दिल
अमित साना की गायकी में सुरों की मिठास के साथ भावों की गहराई और मंचीय ऊर्जा का सुंदर समावेश देखने को मिला। उनकी आवाज में सजे लोकप्रिय गीतों ने बच्चों से लेकर युवाओं और वरिष्ठ दर्शकों तक सभी को अपनी ओर आकर्षित किया। गीतों की फरमाइश के साथ दर्शकों की तालियां पूरे समारोह स्थल में गूंजती रहीं।
तीन वर्ष की उम्र से शुरू किया गायन का सफर
अमित साना ने महज तीन वर्ष की उम्र से गायन की शुरुआत की थी। आठ वर्ष की उम्र में उन्होंने शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। भिलाई में शुरुआती प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के तत्कालीन कुलपति स्वर्गीय बिमलेंदु मुखर्जी से पेशेवर शास्त्रीय गायन की शिक्षा ली। वर्ष 2004-05 में इंडियन आइडल के पहले सीजन के उपविजेता बनने के बाद उन्हें देशभर में पहचान मिली। चक्रधर समारोह के भव्य मंच पर अमित साना की प्रस्तुति ने यादगार बना दिया।