जंगल में फंसा ‘खूंखार चेहरा’! टॉप नक्सली लीडर पापाराव घिरा, बस्तर में सुरक्षाबलों से भीषण मुठभेड़, दो माओवादी ढेर
बीजापुर के नक्सल गढ़ में गोलियों की गूंज, DRG–STF–कोबरा का बड़ा ऑपरेशन, इलाके में हाई अलर्ट

बीजापुर (छत्तीसगढ़):
बस्तर के घने जंगलों से सोमवार सुबह एक बार फिर गोलियों की गूंज सुनाई दी। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नक्सल प्रभावित इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। इस मुठभेड़ ने उस वक्त सनसनी फैला दी, जब सूत्रों से खबर आई कि टॉप नक्सली कमांडर पापाराव इसी इलाके में घिर सकता है।
हालांकि पापाराव की मौजूदगी को लेकर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों का दावा है कि वह इस ऑपरेशन के दौरान मौके पर मौजूद था।
🔫 दोनों ओर से लगातार फायरिंग, दो नक्सलियों के शव बरामद
बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह शुरू हुई मुठभेड़ में दोनों तरफ से लगातार गोलीबारी हो रही है। घटनास्थल से दो नक्सलियों के शव बरामद होने की सूचना है, लेकिन इस पर भी फिलहाल सुरक्षा बलों की ओर से औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पूरे इलाके को घेरकर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
🪖 DRG, STF और कोबरा का संयुक्त ऑपरेशन
इस बड़े एंटी-नक्सल ऑपरेशन में
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डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG)
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स्पेशल टास्क फोर्स (STF)
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कोबरा बटालियन
के जवान संयुक्त रूप से शामिल हैं। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की घेराबंदी कर ली है और जंगल के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
✋ 20 से ज्यादा नक्सलियों ने किया सरेंडर
इसी बीच नक्सली संगठन के लिए एक और बड़ा झटका सामने आया है। रविवार को 20 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। ये सभी नक्सली पुलिस ऑफिसर्स मेस के कॉन्फ्रेंस हॉल में एसपी और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौट आए।
सूत्रों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली अलग-अलग संगठनों से जुड़े थे और कई गंभीर वारदातों में शामिल रहे हैं।
📉 माओवादी संगठन की टूटी कमर
बीते कुछ वर्षों में बीजापुर और आसपास के इलाकों में
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लगातार सर्च ऑपरेशन
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नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना
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मजबूत पुलिस और अर्धसैनिक मौजूदगी
के चलते नक्सलियों पर जबरदस्त दबाव बना है। साथ ही सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति ने भी नक्सलियों को हिंसा छोड़ने के लिए मजबूर किया है।
🏠 सरेंडर करने वालों को मिलेगा पुनर्वास पैकेज
अधिकारियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को
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आर्थिक सहायता
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आवास
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शिक्षा
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रोजगार
जैसी सुविधाएं सरकार की तय नीति के तहत दी जाएंगी, ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
⚠️ इलाके में हाई अलर्ट, हर मूवमेंट पर नजर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुठभेड़ और आत्मसमर्पण के चलते पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
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