छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बड़ा घटनाक्रम: अचानक बढ़ी जजों की ताकत, अरविन्द कुमार वर्मा ने ली स्थायी न्यायाधीश की शपथ
दिल्ली से आई अधिसूचना के बाद बिलासपुर में सादे लेकिन अहम समारोह में हुआ शपथ ग्रहण, न्यायिक हलकों में हलचल

बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण न्यायिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब न्यायमूर्ति अरविन्द कुमार वर्मा ने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की। यह शपथ ग्रहण 12 दिसंबर की शाम 4 बजे हाईकोर्ट परिसर में आयोजित एक सादे लेकिन गरिमामय समारोह में संपन्न हुआ।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने अपने न्यायालय कक्ष में न्यायमूर्ति अरविन्द कुमार वर्मा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के सभी माननीय न्यायाधीश मौजूद रहे, जिससे समारोह की गरिमा और बढ़ गई।
🏛️ दिल्ली से आई अधिसूचना, फिर हुआ शपथ ग्रहण
गौरतलब है कि विधि एवं विधायी कार्य विभाग, नई दिल्ली द्वारा 11 दिसंबर को अधिसूचना जारी कर न्यायमूर्ति अरविन्द कुमार वर्मा को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। अधिसूचना के ठीक अगले दिन उनका औपचारिक शपथ ग्रहण कराया गया।
⚖️ न्यायिक जगत के कई दिग्गज रहे मौजूद
इस अवसर पर महाधिवक्ता विवेक शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता, रजिस्ट्रार जनरल, हाईकोर्ट रजिस्ट्री के अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े न्यायिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
🔎 क्यों अहम है यह नियुक्ति?
हाईकोर्ट को स्थायी न्यायाधीश मिलने से न सिर्फ लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी, बल्कि न्यायिक व्यवस्था को भी और मजबूती मिलेगी। यह नियुक्ति राज्य की न्यायिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
न्यायमूर्ति अरविन्द कुमार वर्मा के स्थायी न्यायाधीश बनने के साथ ही छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता में और इज़ाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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