रायगढ़ में हाथियों का आतंक: 10 किसानों की धान की फसल रौंदी, जिले में 134 हाथियों का विचरण
रायगढ़ में हाथियों का आतंक: 10 किसानों की धान की फसल रौंदी, जिले में 134 हाथियों का विचरण
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों की मौजूदगी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों के दल रात होते ही खेतों तक पहुंच रहे हैं और धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। रविवार रात हाथियों ने अलग-अलग गांवों में 10 किसानों के खेतों में फसल रौंद दी। सुबह वन विभाग की टीम ने नुकसान का आकलन शुरू किया।
जानकारी के मुताबिक, धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र के चैनपुर में 36 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इसी दौरान जंगल से निकला एक हाथी गांव के तारा राठिया के खेत में पहुंच गया और धान की फसल को रौंदने लगा। वहीं बायसी में 20 हाथियों के दल ने जगरनाथ राठिया और मंगतू राठिया के खेतों में फसल को नुकसान पहुंचाया।
छाल और लैलूंगा क्षेत्र में भी फसल बर्बाद
छाल रेंज के सिथरा और तेंदूमुड़ी में हाथियों ने बिहारी, मनीराम, रामकुमार, कन्हैया के खेतों में धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। वहीं लैलूंगा रेंज के कोड़ामाई में धोबसिंह, परदेशी और अर्जुन के खेतों में भी हाथियों का दल पहुंचा और फसल रौंद दी।
रातभर खेतों में डटे रहे हाथी
हाथियों के खेतों में पहुंचने की जानकारी मिलने पर हाथी मित्र दल और ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ने का प्रयास किया। हालांकि, हाथी देर रात तक खेतों में डटे रहे। उनके जंगल लौटने के बाद सुबह वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और नुकसान का आकलन शुरू किया। आकलन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
जिले में 134 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, रायगढ़ जिले के दो वन मंडलों में कुल 134 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें धरमजयगढ़ वन मंडल में 126 हाथी हैं। इस दल में 41 नर, 60 मादा और 25 शावक शामिल हैं। वहीं रायगढ़ वन मंडल में 8 हाथियों का दल है, जिसमें 2 नर, 2 मादा और 4 शावक हैं।