दुर्ग विवि के कुलसचिव गिरफ्तार, कर्मचारी के वेतन से डेढ़ लाख का गबन

दुर्ग । हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर है। आरोप है कि उन्होंने विवि की दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से 1 लाख 49 हजार 384 रुपये का गबन किया। आरोपी कर्मचारी को सिर्फ 2200 रुपये देता था और बाकी रकम फोन-पे, पेटीएम से अपने बेटे के खाते में डलवाता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 316(4) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला:
थाना प्रभारी मोहन नगर ने बताया कि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की अर्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शुभांगी मराठे ने शिकायत की थी। विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट, बैंक अभिलेख और यूपीआई ट्रांजेक्शन की जांच में वित्तीय अनियमितता सामने आई।
जांच में पता चला कि कर्मचारी को प्रतिमाह 11 हजार 515 वेतन मिलता था, लेकिन आरोपी द्वारा उसे कथित रूप से केवल 2 हजार 200 रूपये दिए जाते थे और शेष राशि फोन पे एवं पेटीएम के माध्यम से उदय कुलदीप के बैंक खाते में ट्रांसफर कराई जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 के बीच इस तरह कुल 1 लाख 49 हजार 384 की राशि दूसरे खाते में स्थानांतरित कराई गई। आरोपी तत्कालीन कुलसचिव के पद पर रहते हुए कर्मचारी पर दबाव बनाकर वेतन की राशि का अधिकांश हिस्सा डिजिटल माध्यम से अन्य खाते में ट्रांसफर करवाता था।
कैसे पकड़ा गया स्कैम ?
मामले की शिकायत के बाद विश्वविद्यालय द्वारा जांच समिति गठित की गई थी। समिति की रिपोर्ट और बैंक-यूपीआई रिकॉर्ड समेत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपराध की पुष्टि होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की वैधानिक विवेचना जारी है।
सबूतों के आधार पर वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने के बाद मोहन नगर दुर्ग पुलिस ने आरोपी कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया।
थाना प्रभारी मोहन नगर के अनुसार आरोपी पर BNS धारा 316(4)- आपराधिक विश्वास भंग के तहत केस दर्ज है। मामले में आगे की वैधानिक विवेचना जारी है।