बनोरा की पावन धरा पर शिक्षा और संस्कार के नए युग का उदय, मुख्यमंत्री साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया अघोरेश्वर विद्या मंदिर के नवीन भवन का लोकार्पण
बनोरा की पावन धरा पर शिक्षा और संस्कार के नए युग का उदय, मुख्यमंत्री साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया अघोरेश्वर विद्या मंदिर के नवीन भवन का लोकार्पण
पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के अवतरण दिवस पर भक्ति, शिक्षा और सेवा का संगम, बाबा प्रियदर्शीराम जी ने कहा – क्षेत्र का कोई भी छात्र धना भाव में शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा
रायगढ़ :- साधना, सेवा और त्याग की तपोभूमि बनोरा में पूज्यपाद अघोरेश्वर भगवान राम जी के पावन अवतरण दिवस के शुभ अवसर पर अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर के नवीन भवन का भव्य लोकार्पण समारोह ऐतिहासिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यह केवल एक भवन का लोकार्पण नहीं था, बल्कि ज्ञान, संस्कार, सेवा और मानवता के एक नए अध्याय का शुभारंभ था। समारोह में परम पूज्य अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट के अध्यक्ष औघड़ संत श्री प्रियदर्शी राम जी के पावन सान्निध्य में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम,लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर जीवर्धन चौहान, सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, ट्रस्ट के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पूज्य बाबा जी मौजुदगी एवं मार्गदर्शन में विधिवत फीता काटकर नवीन भवन का लोकार्पण किया। भारतीय संस्कृति में दीप को ज्ञान और सत्य का प्रतीक मानते हुए अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन के बाद शिलापट्ट का अनावरण किया गया। यह शिला पट्टिका स्कूल की पहचान नहीं बल्कि ज्ञान सेवा समर्पण की मौन साक्षी रहेगी।
यह भवन आने वाली पीढ़ी की शिक्षा के साथ साथ संस्कार वान बनाएगा और समाजिक उत्तरदायित्व के लिए तैयार करेगा। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शिक्षा, गुरु, संस्कार और राष्ट्र प्रेम की भावना को मंच पर साकार किया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रों के साथ सामूहिक शांति पाठ से हुई। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत, गुरु वंदना, विद्यालय की यात्रा पर आधारित लघु डॉक्यूमेंट्री, लघु नाटिका और विद्यालय गीत ने समारोह में चार चांद लगा दिए। यहां से 2005 के दौरान अध्ययन रत पूर्व छात्र आशीष कुमार प्रधान ने अपने स्कूली जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा साधनों के अभाव के बाद भी संस्कारों की प्रेरणा ने मुझे जीवन में इस पद तक पहुंचाया। वर्तमान में वे भारतीय रेलवे पद पर हैं।
आनंद पाण्डेय ने ट्रस्ट की सेवा-यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा शिक्षा के साथ साथ जीवन की मूलभूत आवश्यकता चिकित्सा के जरिए भी साधन विहीन लोगों की सेवा की जाती है। छत्तीशगढ़ में बनोरा, डभरा, शिवरीनारायण, अंबिकापुर, के अलावा झारखंड उत्तर प्रदेश बिहार राज्यों में भी ट्रस्ट की संस्थाएं मानव सेवा हेतु सतत सक्रिय है । सभी शाखाओं में निःशुल्क चिकित्सीय सेवा मुहैया कराई जाती है। ट्रस्ट द्वारा की जा रही सेवाओं का विस्तार से जिक्र किया गया। संस्था का ध्येय वाक्य पीड़ित मानव की सेवा हैं। अंग्रेजी मीडियम स्कूल में नव पदस्थ प्राचार्य जोगेन्द्र चौधरी ने विद्यालय को आधुनिक गुरुकुल बताते हुए कहा अंग्रेजी की सीख के साथ साथ छात्रों को राष्ट्र निर्माण में सहयोगी बनाया जाएगा। यह स्कूल अंचल के लोगों के लिए मिल का पत्थर साबित होगा।मंचस्थ अतिथियों को शाल श्री फल से सम्मानित करने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी से जुड़े अपने स्वर्गीय बड़े पिता के संस्मरण उपस्थित जनो से साझा किए। श्री साय ने आश्रम की लोक कल्याणकारी गतिविधियों को जन हित के लिए उपयोगी बताया । उन्होंने कहा पूज्य बाबा जी का जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित है और सभी के लिए प्रेरणा दाई है। इसके बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी उपस्थित जनमानस को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने जीवन में सबसे अधिक पूज्य बाबा जी से प्रेरित हैं और जब तक राजनीति में रहेंगे, वे भी पीड़ित मानवता की सेवा को अपना ध्येय बनायेंगे। बाबा जी की सेवा को प्रेरणा दाई बताया। इसके बाद पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी ने अपने आशीर्वचन में कहा पिछले तीन दशकों से संस्था में शिक्षा का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने बताया आश्रम एवं पुराने स्कूल की नींव घासीराम ,अमृतलाल द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई गई भूमि पर रखी गई थी । सभी लोगो के सहयोग से संस्था की सेवा-यात्रा जारी है। सेवा के लिए रोपा गया बीज आज वटवृक्ष बन गया है। विधायक बनने के बाद ओपी चौधरी का आश्रम आगमन हुआ। यहां चल रही सेवाओं के मद्देनजर उन्होंने नर्सिंग कॉलेज और अंग्रेजी मीडियम स्कूल खोलने की सलाह दी थी। पूज्य बाबा जी ने कहा नर्सिंग कॉलेज में कई बाध्यताएं थीं और अंग्रेजी स्कूल को लेकर संशय की स्थिति थी । सनातन परम्परा का संत होने के नाते हिंदी के प्रति उनका स्वाभाविक जुड़ाव रहा है। देश की राष्ट्रभाषा भी हिंदी है। शिक्षा-विदों और शुभचिंतकों से हुई सार्थक चर्चा के बाद ही अंग्रेजी स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया। स्कूल निर्माण संबंधी समस्याओं के निराकरण में भी वित्त मंत्री विधायक रायगढ़ ओपी चौधरी जी अभूतपूर्व सहयोग रहा। बाबा प्रियदर्शी राम जी ने कहा सर्वसुविधा युक्त अंग्रेजी मीडिय स्कूल निर्माण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के उत्थान के साथ सभी वर्ग के बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। ग्रामीण बच्चों में यह भावना नहीं होनी चाहिए शहरों के बड़े स्कूलों की तरह वह अच्छे स्कूल में नहीं पढ़ पाया बच्चों के मन में इस हीन भावना से उनका विकास बाधित होगा । शिक्षा को बदलाव का सबसे बड़ा जरिया बताते हुए उन्होंने कहा संस्कार राष्ट्र की संपत्ति होती है। शिक्षा तभी सार्थक है जब ग्रहण करने वाले छात्रों में विनयशीलता और पीड़ित मानव की सेवा का भाव हो। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ज्ञान-विज्ञान, खेल, कंप्यूटर सहित सभी क्षेत्रों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करें। चाहे डॉक्टर, नेता, इंजीनियर या कलेक्टर बनें, मन में गरीबों के प्रति सहानुभूति होनी चाहिए। देश की 70 प्रतिशत गरीब आबादी गांवों में रहती है, उनके पास संसाधनों का अभाव होता है, इसलिए साधु-संत अपना निवास साधन-विहीन ग्रामीण क्षेत्रों में बनाते हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस क्षेत्र का कोई भी विद्यार्थी धन के अभाव में शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। बाबा जी ने बताया कि स्कूल निर्माण के साथ-साथ शिक्षकों के लिए 2 बीएचके के 24 क्वार्टर भी निर्माणाधीन हैं। शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं की उल्लखेनीय सफ़लता की विशेष सराहना करते हुए कहा कि लड़कियां माता-पिता की आज्ञाकारी और अनुशासित संतान होती हैं, इसलिए वे हर क्षेत्र में बाजी मार रही हैं। अनुशासन को जीवन की सफलता का मंत्र बताते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूल में 6 घंटे का प्रयास पर्याप्त नहीं हैं,इसके साथ साथ अभिभावकों के प्रयास भी आवश्यक हैं।अभिभावकों के संयमित जीवन का असर बच्चों पर पड़ता है । बड़ों को नशा पान करते देख बच्चे स्वयंमेव करने नशा की ओर प्रेरित होने लगते है इसलिए अभिभावकों की जवाबदारी है कि बच्चों का समुचित ध्यान रखे। स्कूल निर्माण को लेकर व्यवस्थापक त्यागी राम जी के योगदान की सराहना करते हुए पूज्य बाबा जी ने कहा आश्रम से जुड़े बढ़ई, प्लंबर, टाइल्स मिस्त्री ,बिजली मिस्त्री ,पेंटर सहित बहुत से श्रमवीरों का अदभुत योगदान रहा। पूज्य बाबा जी ने कहा आश्रम से जुड़े सभी सदस्यों ,श्रद्धालुओं के सहयोग से भव्य भवन का सपना साकार हो सका है । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए पूज्य बाबा जी ने मीडिया सहित जिला प्रशासन से मिले सहयोग के प्रति भी आभार जताया।
अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर से शिक्षित 29 छात्रों का मिला गौरव सम्मान
यहां अध्ययन करके वाले छात्र विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे है । इनमें इंजीनियर आशीष कुमार प्रधान भारतीय रेलवे, प्रदीप गुप्ता उपकोषालय अधिकारी, अभिनाष कुमार गुप्ता चिकित्सा अधिकारी, जयराम मोघिया, सचिव, प्रीति सिंह सिदार, शिक्षक, अलिसा सिंह, इलेश पटेल, प्रकाश पुजारी, जया प्रधान, शिशिलेश किसान, उपसंचालक पंचायत, रमा पटेल,व्याख्याता अर्चना पण्डा व्याख्याता वरदा पण्डा, सुमिता पुजारी, पंकज जायसवाल, आबकारी उपनिरीक्षक, सुलेश सिंह केसरिया, ट्रैफिक असिस्टेंट अर्जुन साय, पोस्ट मास्टर, संगीता गुप्ता ,पटवारी धीरेन्द्र प्रधान, सी.ए.जी. ऑडिटर, दिनेश गुप्ता, बी.एस.एफ. आरक्षक, रीतु पटेल, ब्रांच पोस्ट मास्टर, विकास विशाल,आरक्षक नीलम गुप्ता, ग्राम पंचायत सचिव, आलोक कुमार प्रधान,असिस्टेंट मैनेजर, विकास प्रधान सत्यपाल गुप्ता, मैनेजर, सुनीता पटेल, प्राध्यापक, सुनीता गुप्ता ,डेंटल सर्जन ऋषपाल गुप्ता ,इंजीनियर शामिल है। मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, कृषि मंत्री दोनों सांसदों और महापौर को पूज्य बाबा जी ने स्मृति-चिह्न प्रदान किया। अघोर गुरु पीठ के व्यवस्थापक त्यागी राम जी ने प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग के सभी का हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त किया।