CM साय ने किया सरगुजा ओलंपिक के लोगो और रहस्यमय शुभंकर ‘गजरु’ का अनावरण, 3.5 लाख खिलाड़ियों ने भरा जोश

छत्तीसगढ़ January 29, 2026 • रिपोर्टर: raigarh top news
CM साय ने किया सरगुजा ओलंपिक के लोगो और रहस्यमय शुभंकर ‘गजरु’ का अनावरण, 3.5 लाख खिलाड़ियों ने भरा जोश

CM साय ने किया सरगुजा ओलंपिक के लोगो और रहस्यमय शुभंकर ‘गजरु’ का अनावरण, 3.5 लाख खिलाड़ियों ने भरा जोश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेलों की दुनिया में एक नया इतिहास रचने की तैयारी शुरू हो गई है। बस्तर ओलंपिक की अपार सफलता के बाद अब सरगुजा ओलंपिक के रूप में प्रदेश को एक और भव्य खेल महोत्सव मिलने जा रहा है। आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा ओलंपिक के आकर्षक लोगो और प्रतीकात्मक शुभंकर “गजरु” का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने सरगुजा अंचल के खिलाड़ियों और युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए इसे उनकी प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच बताया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 12 खेल विधाओं में करीब 3 लाख 50 हजार खिलाड़ियों का पंजीयन यह दर्शाता है कि सरगुजा के युवाओं में खेलों को लेकर जबरदस्त उत्साह और ऊर्जा है। उन्होंने कहा कि जैसे बस्तर ओलंपिक ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई, वैसे ही सरगुजा ओलंपिक भी नई ऊंचाइयों को छुएगा। पंजीयन के आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि सरगुजा पूरी तैयारी और उमंग के साथ इस आयोजन के लिए तैयार है।

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि सरगुजा ओलंपिक से यहां के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर मिलेगा। विजेता खिलाड़ियों को राज्य की प्रशिक्षण अकादमियों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा और उन्हें यूथ आइकॉन के रूप में स्थापित कर आने वाली पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरित किया जाएगा।

🎨 लोगो में छिपा सरगुजा का आत्मसम्मान

सरगुजा ओलंपिक 2026 का लोगो इस अंचल की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और खेल भावना को दर्शाता है। लोगो के केंद्र में मैनपाट स्थित टाइगर पॉइंट जलप्रपात को दर्शाया गया है, जो ऊर्जा, हरियाली और निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। इसके चारों ओर 12 खेलों के चिन्ह समावेशिता और समान अवसर का संदेश देते हैं।
लाल रंग का विशेष प्रयोग पहाड़ी कोरवा जनजाति की परंपराओं से जुड़ा है, जहां इसे शक्ति, साहस और जीवन ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

🐘 शुभंकर ‘गजरु’ में छुपा खेल भावना का संदेश

सरगुजा ओलंपिक 2026 का शुभंकर ‘गजरु’ हाथी के रूप में चुना गया है, जो आदिवासी समाज में बल, धैर्य, बुद्धिमत्ता और एकता का प्रतीक है। झुंड में चलने की इसकी प्रवृत्ति टीम वर्क और सामूहिक सहभागिता का संदेश देती है, जो खेलों की आत्मा से जुड़ी है।

🏅 कब और कैसे होगा आयोजन

सरगुजा ओलंपिक के लिए 28 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक पंजीयन किया गया, जिसमें 6 जिलों से लगभग 3.5 लाख प्रतिभागी जुड़े। इनमें 1.59 लाख पुरुष और 1.89 लाख महिलाएं शामिल हैं।
कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, रस्साकसी सहित 12 खेल विधाओं में विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

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