रायपुर: छत्तीसगढ़ के ग्राम पंचायतों के सचिव हड़ताल पर हैं। सचिवों की मांग है कि उनका शासकीयकरण किया जाए। सचिवों का कहना है कि वे लंबे समय से छत्तीसगढ़ सरकार से शासकीयकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। हड़ताल के चलते पंचायतों में चल रहे शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। खासतौर पर प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण सर्वे और अन्य योजनाओं के कार्य रुकने की स्थिति बन गई है। इस बीच अब पंचायत संचालनालय संचालक ने प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने सभी हड़ताली ग्राम पंचायत सचिवों को हड़ताल खत्म करने का अल्टीमेटम दे दिया है।





पंचायत संचालनालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि हड़ताली सचिवों को 24 घंटे के भीतर हड़ताल समाप्त कर कर्तव्यों पर लौटने के लिए निर्देश जारी करें। निर्देश के पालन न करने पर हड़ताली सचिवों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए भी कहा है। संचालक ने पत्र के माध्यम से निज सचिव, प्रमुख सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन नवा रायपुर को इसकी सूचना दी है। इसके साथ ही सभी कलेक्टरों को भी आवश्यक कार्यवाही के लिए सूचनार्थ के भेजा गया है। सरकार की ओर से आदेश जारी होने के बाद सचिवों के बीच तमाम तरह की चर्चाएं हो रही है।
