CG NEWS: प्लाईवुड कंपनी में आग लगने से करोड़ों की नुकसान… 17 घंटे बाद 118 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की मदद से आग पर पाया गया काबू

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दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक प्लाईवुड कंपनी में सोमवार सुबह लगी आग 17 घंटे बाद मंगलवार तड़ते तीन बजे तक बुझा ली गई। भिलाई स्टील प्लांट और अग्निशमन विभाग की 8 फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने मिलकर आग पर काबू पाया। आग से दो करोड़ से अधिक का नुकसान बताया जा रहा है।

अग्निशमन विभाग दुर्ग से मिली जानकारी के मुताबिक दुर्ग जिले के जेवरा सिरसा औद्योगिक क्षेत्र चिखली में गोयल प्लाईवुड नाम से एक फैक्ट्री है। उस फैक्ट्री के अंदर रखे रॉ मटेरियल में सोमवार सुबह अचानक आग लग गई। दोपहर के समय जब आग बढ़ गई और उससे तेज धुआं निकलने लगा तब वहां काम कर रहे कर्मचारियों में अफरा तफरी मच गई। लोगों ने आग की लपटों को उठते देखकर तुरंत इसकी सूचना कंपनी के मालिक आकाश गोयल और डायल 112 को दी।













इसके बाद इसकी सूचना अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग दुर्ग को दी गई। सूचना मिलते ही वहां पहले दो दमकल की टीम रवाना की गई। जब मौके पर जाकर देखा की आग काफी तेज है तो वहां से और दमकल गाड़ियां भेजी गईं। इसके बाद भिलाई स्टील प्लांट से तीन दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। इसके बाद 8 दमकल की गाड़ियों लगातार 17 घंटे तक 118 गाड़ी पानी से आग पर देर रात 3-4 बजे के बीच काबू पाया।

आग लगने का नहीं पता चल पाया कारण
फ्लाईवुड फैक्ट्री में आग कैसे लगी इसका कारण अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक आग शार्टसर्किट से लगी होगी या फिर किसी कर्मचारी ने बीड़ी पीकर फेंका होगा। फैक्ट्री के अंदर लकड़ी का सामान और फ्लाईवुड का स्टाक काफी अधिक होने से वहां आग तेजी से फैली। आग पर काबू जल्द पा लिया जाता, लेकिन तेज हवा चलने से आग तेजी से फैलती जा रही थी।

पहले भी इसी फैक्ट्री में लग चुकी है आग
गोयल प्लाईवुड कंपनी में इस तरह की आग पहली बार नहीं लगी है। इससे पहले भी 10 मार्च 2021 में इतनी बड़ी आग लग चुकी है। उस समय भी कंपनी के मालिक ने आग से साढ़े 3 करोड़ का नुकसान बताया है। इसके बाद फिर से इस आग में करोड़ों का नुकसान बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि वो इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं कंपनी मालिक ने बीमा का लाभ लेने के लिए तो आग की घटना को खुद से प्रायोजित नहीं किया।

फैक्ट्री की टंकियों में नहीं था पानी
बताया जा रहा है कि फायर सेफ्टी नॉम्स का पालन करने के लिए कंपनी के अंदर जो पानी की टंकियां रखी गई थीं, उसमें एक बूंद पानी नहीं था। जैसे ही वहां आग बढ़ी तो लोगों ने टंकी के पानी से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन पानी न होने पर आग को नहीं बुझाया जा सका। इसके बाद डायल 112 क सूचना देकर फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। आग लगने में कंपनी संचालक की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है।





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