Raigarh: 10 मिनट में 200 जटिल सवाल हल कर बना चैंपियन: 10 वर्षीय मोक्ष दुबे ने लगातार दूसरी बार जीता राज्य स्तरीय खिताब

रायगढ़/ छाल। प्रतिभा, मेहनत और लगन की कोई उम्र नहीं होती। इसे साबित कर दिखाया है रायगढ़ जिले के छाल (बोजिया) निवासी 10 वर्षीय होनहार बालक मोक्ष दुबे ने। उन्होंने रायगढ़ में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय अबेकस एवं मेंटल गणितीय प्रतियोगिता-2026 में लगातार दूसरी बार चैंपियन बनकर पूरे जिले और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।
रविवार 7 जून 2026 को रायगढ़ के अग्रोहा धाम में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में प्रदेशभर से सैकड़ों प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कड़े मुकाबले के बीच कक्षा चौथी के छात्र मोक्ष दुबे ने ‘विजुअल कॉम्पिटिशन लेवल-4 जूनियर ग्रुप’ में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया और चैंपियन ट्रॉफी अपने नाम की।
10 मिनट में 200 जटिल प्रश्नों का समाधान
प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों की मानसिक गणना क्षमता, स्मरण शक्ति, एकाग्रता और त्वरित निर्णय क्षमता की परीक्षा ली गई। विजुअल राउंड में बच्चों को मन में अबेकस की कल्पना कर बेहद कम समय में कठिन गणितीय प्रश्नों का उत्तर देना था। मोक्ष ने मात्र 10 मिनट में 200 जटिल प्रश्नों को हल कर अपनी अद्भुत प्रतिभा का परिचय दिया और निर्णायकों को प्रभावित करते हुए चैंपियन का खिताब जीत लिया।
पिछले वर्ष भी रहे थे राज्य स्तरीय विजेता
उल्लेखनीय है कि मोक्ष दुबे वर्ष 2025 में भी राज्य स्तरीय अबेकस प्रतियोगिता में चैंपियन रह चुके हैं। लगातार दूसरी बार इस उपलब्धि को हासिल कर उन्होंने अपनी असाधारण प्रतिभा और निरंतर अभ्यास का परिचय दिया है।
क्षेत्र के लिए गर्व का विषय : विधायक लालजीत राठिया
मोक्ष की इस उपलब्धि पर क्षेत्रीय विधायक ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में लगातार दूसरी बार राज्य स्तरीय चैंपियन बनना मोक्ष की मेहनत, प्रतिभा और अभिभावकों के मार्गदर्शन का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को अबेकस, विज्ञान, खेल एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील भी की।
शिक्षक और माता-पिता को दिया सफलता का श्रेय
मोक्ष दुबे, छाल निवासी प्रमोद कुमार दुबे के सुपुत्र हैं। अपनी सफलता पर उन्होंने कहा कि उनके शिक्षक राजहोता सर के उत्कृष्ट प्रशिक्षण, माता-पिता के मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास के कारण ही वे यह उपलब्धि हासिल कर सके हैं।
मोक्ष की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनकी उपलब्धि अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा बनकर उभरी है और यह संदेश देती है कि समर्पण और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
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