CGPSC भर्ती घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने 4 आरोपियों को जमानत दी, जानें कौन-कौन शामिल
CGPSC भर्ती घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने 4 आरोपियों को जमानत दी, जानें कौन-कौन शामिल
रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चार आरोपियों को जमानत दे दी है। जमानत पाने वालों में टामन सोनवानी के बेटे साहिल सोनवानी, नितेश सोनवानी, बजरंग स्पात के डायरेक्टर का पुत्र, शशांक गोयल और भूमिका कटियार शामिल हैं। इस मामले में आरोपियों की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ताओं सिद्धार्थ लूथरा, सिद्धार्थ अग्रवाल और शशांक मिश्रा ने की।
भर्ती प्रक्रिया का विवरण:
CGPSC ने 2021 में भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। प्रारंभिक परीक्षा में 171 पदों के लिए 2,565 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए। मुख्य परीक्षा 26 से 29 मई 2022 को हुई, जिसमें 509 उम्मीदवार सफल रहे। साक्षात्कार के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की अंतिम सूची जारी की गई।
भर्ती में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप:
भर्ती में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोपों के बाद तत्कालीन PSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, सचिव जीवन किशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और अन्य अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। वर्तमान विष्णु देव साय सरकार के अनुरोध पर इस मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी।
इस जमानत के बाद मामले में नई हलचल और राजनीतिक व कानूनी सस्पेंस पैदा हो गया है।