
रायगढ़। जिले में धान खरीदी प्रणाली को ध्वस्त करने और प्रशासन को करोड़ों का नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाले कोचियों और बिचौलियों पर जिला प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कसा है। बीते दो दिनों में रायगढ़, खरसिया, पुसौर, तमनार और धरमजयगढ़ क्षेत्रों में संयुक्त जांच दलों ने 23 कोचियों एवं बिचौलियों से 4,583 क्विंटल अवैध धान जप्त किया, जिसकी कीमत 1 करोड़ 47 लाख रुपए से अधिक है।
दो दिनों में ताबड़तोड़ कार्रवाई
अपर कलेक्टर एवं धान खरीदी नोडल अधिकारी अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमों ने दो दिनों के भीतर 23 प्रकरण दर्ज कर भारी मात्रा में अवैध धान जप्त किया। इनमें विभिन्न स्थानों पर दर्ज अवैध धान की मात्रा 6.80 क्विंटल से लेकर 800 क्विंटल तक रही, जिससे प्रशासन की प्रभावी कार्रवाई साबित होती है।
राइस मिलों पर भी सख्त कार्रवाई
औचक निरीक्षण में कई राइस मिलों में अवैध धान भंडारित पाया गया। इनमें धरमजयगढ़ की मां भगवती एवं श्रीराम राइस मिल में 400 क्विंटल, रायगढ़ की गोयल फूड मिल में 550 क्विंटल, देहजरी की बालाजी राइस मिल में 160 क्विंटल और खरसिया की सावित्री राइस मिल में 250 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया। सभी मामलों में मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
अब तक की पूरी कार्रवाई
जिले में अब तक 91 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 17 हजार क्विंटल से अधिक धान जप्त की जा चुकी है, जिसकी कीमत 5 करोड़ रुपए से अधिक है। जिला खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह ने कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रभाव और भविष्य की योजना
अवैध धान पर कड़ी कार्रवाई से उपार्जन केंद्रों में भीड़ कम हुई और वास्तविक किसान समय पर अपना धान बेच पा रहे हैं। प्रशासन की मुस्तैदी से कोचियों और बिचौलियों की पकड़ कमजोर हुई है। जिले में खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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