CG: जंगल से भटककर शहर पहुंची चीतल, कुत्तों के झुंड ने घेरकर नोचा, नहीं बच सकी जान
CG: जंगल से भटककर शहर पहुंची चीतल, कुत्तों के झुंड ने घेरकर नोचा, नहीं बच सकी जान
बालोद. बालोद जिले में जंगल से भटककर रिहायशी इलाके में पहुंची एक दो वर्षीय मादा चीतल की मौत हो गई। आवारा कुत्तों के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हुई थी। वन विभाग की टीम ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार शुरू होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
रविवार को यह चीतल जंगल की सीमा से निकलकर शहर की तरफ आ गई थी। इसी दौरान आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उसे घेर लिया। कुत्तों ने चीतल को दौड़ाना शुरू कर दिया। जान बचाने की जद्दोजहद में चीतल भागते हुए दल्लीराजहरा स्थित बीएसपी मुख्य अस्पताल परिसर के पास पहुंची। कुत्तों के काटने और नोचने से उसके पिछले पैरों में गंभीर चोटें आईं। वह अत्यधिक रक्तस्राव के कारण लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। स्थानीय नागरिकों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी।
घटना का विवरण
कुत्तों के झुंड ने चीतल को घेरकर बुरी तरह नोचा था। चीतल के पिछले पैरों में गहरे जख्म हो गए थे। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। जान बचाने के लिए वह भागते हुए अस्पताल परिसर तक पहुंची थी। यह घटना वन्यजीवों के रिहायशी इलाकों में आने के खतरों को दर्शाती है।
वन विभाग का बचाव और अपील
दल्लीराजहरा वन परिक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घायल चीतल को बचाया और तुरंत पशु चिकित्सालय ले जाया गया। हालांकि, उपचार मिलने से पहले ही चीतल ने दम तोड़ दिया। वन विभाग के अधिकारियों ने आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया और पंचनामा तैयार करने के बाद मृत चीतल का अंतिम संस्कार कराया। वन अमले का कहना है कि भोजन व पानी की तलाश में वन्यजीव अक्सर रिहायशी इलाकों की तरफ आ जाते हैं। वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के दिखने पर तत्काल वन अमले को सूचित करें।