सक्ती में सीईओ जनपद पंचायत सक्ती एवं सहयोगी बाबू एवं भृत्य रिश्वत लेते गिरफ्तार
सक्ती में सीईओ जनपद पंचायत सक्ती एवं सहयोगी बाबू एवं भृत्य रिश्वत लेते गिरफ्तार
सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी की एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई सामने आई है। यहाँ बिलासपुर एसीबी की टीम ने जनपद पंचायत सक्ती के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यानी सीईओ निखिल कश्यप, उनके सहयोगी बाबू अविनाश ठाकुर और भृत्य लच्छन भानू को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से पूरे सक्ती प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
प्रार्थी अरुण भारद्वाज द्वारा एन्टी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत की गई थी कि उसकी माता ग्राम लिमतरा, जिला सक्ती की सरपंच है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत् पंचायत के लिए निर्मल घाट व नाली निर्माण आदि के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत हुआ है जिसमें से 8 लाख रुपये का चेक जनपद पंचायत सक्ती से जारी हो चुका है तथा शेष 12 लाख का चेक जारी करने के लिए उसकी माता द्वारा उसे जनपद पंचायत सक्ती जाकर उस बारे मे आगे की कार्यवाही करने के लिये अधिकृत किये जाने पर शेष बचे 12 लाख रुपये का चेक जारी करने हेतु सीईओ जनपद सक्ती निखिल कश्यप और उसके बाबू अविनाश ठाकुर से निवेदन किये जाने पर चेक जारी करने के एवज में आरोपी सीईओ निखिल कश्यप और उसके बाबू अविनाश ठाकुर के द्वारा उससे कमीशन के रूप में 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकडवाना चाहता था। शिकायत सत्यापन के दौरान आरोपी अविनाश ठाकुर द्वारा अपने कार्यालय के भृत्य लच्छन के माध्यम से प्रथम किश्त के रूप में 1 लाख रुपये पूर्व में ही ले लिया गया था। आज दिनांक 15.06.2026 को ट्रेप आयोजित कर प्रार्थी से आरोपीगण-सीईओ जनपद पंचायत सक्ती निखिल कश्यप एवं सहयोगी बाबू अविनाश ठाकुर एवं भृत्य लच्छन भानू को अगली किश्त के रूप में शेष राशि 1 लाख रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
तीनों आरोपियों के विरूद्ध धारा 7, 12 पीसीएक्ट 1988 यथासंशोधित अधिनियम 2018 के प्रावधानों के तहत् अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।