धार भोजशाला विवाद का सुप्रीम कोर्ट ने दिया संतुलित आदेश
बसंत पंचमी पर पूजा और नमाज दोनों के लिए मिले अधिकार, प्रशासन को सुरक्षा और शांति के कड़े निर्देश

नई दिल्ली/भोपाल।
सुप्रीम कोर्ट ने धार भोजशाला विवाद पर बड़ा आदेश देते हुए 23 जनवरी 2026 (बसंत पंचमी, शुक्रवार) को दोनों पक्षों के अधिकार सुनिश्चित किए हैं। कोर्ट ने साफ किया है कि इस दिन—
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हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती (वाग्देवी) की पूजा करने की पूरी छूट होगी।
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मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी गई है।
🛡️ प्रशासन के लिए सख्त निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य प्रशासन और ASI को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि—
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दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग जगहें निर्धारित की जाएँ।
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विशेष पास व्यवस्था लागू की जाए ताकि प्रवेश नियंत्रित रहे।
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पूरे परिसर में शांति और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएँ।
👮 सुरक्षा और निगरानी
धार जिले में पहले से ही 8000 से अधिक पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। CCTV और ड्रोन के माध्यम से निगरानी भी की जा रही है।
कोर्ट के इस फैसले का आधार 2003 का ASI आदेश है, जिसमें—
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मंगलवार को हिंदुओं को पूजा और
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शुक्रवार को मुस्लिमों को दोपहर में नमाज की अनुमति थी।
लेकिन इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार पड़ने से स्थिति जटिल हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने संतुलित फैसला देकर दोनों पक्षों के अधिकारों का सम्मान किया है।
⚖️ फैसला: संतुलन और शांति
कोर्ट का यह आदेश स्पष्ट संदेश देता है कि धार भोजशाला जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर सभी पक्षों के अधिकारों का सम्मान होना चाहिए। साथ ही प्रशासन को शांति और सुरक्षा बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है।
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