जेल से पहले ‘बीमारी’ का खेल? सट्टा केस में महापौर का भतीजा अस्पताल में भर्ती, VIP ट्रीटमेंट पर उठे बड़े सवाल
आईपीएल सट्टे में गिरफ्तारी के बाद जेल जाने से ठीक पहले बिगड़ी तबीयत, सिम्स में भर्ती… रसूख बनाम कानून की बहस तेज

बिलासपुर। आईपीएल सट्टा मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जूना बिलासपुर से पकड़े गए आरोपियों में से एक, महापौर का भतीजा और भाजपा नेता विशाल विधानी, जेल जाने से ठीक पहले अचानक बीमार पड़ गया और उसे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर ‘रसूख के खेल’ की चर्चा तेज हो गई है।
दरअसल, 5 अप्रैल को पुलिस ने जूना बिलासपुर में छापा मारकर ऑनलाइन सट्टा खिलाते हुए दीपक भक्तानी और विशाल विधानी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उनके पास से 1.10 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और स्कूटी जब्त की गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि दीपक को सट्टे का लिंक विशाल विधानी ही उपलब्ध कराता था और दोनों के तार गोवा के एक कथित नेटवर्क से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।
गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों को जेल भेजा जाना था। दीपक भक्तानी को जेल भेज दिया गया, लेकिन विशाल विधानी के मामले में अचानक घटनाक्रम बदल गया। जानकारी के मुताबिक, जेल में दाखिले की प्रक्रिया चल रही थी, तभी उसने अचानक तबीयत बिगड़ने की शिकायत करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया।
आनन-फानन में जेल डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन पर्याप्त सुविधा न होने का हवाला देते हुए उसे तुरंत सिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके बाद पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची और भर्ती करा दिया गया। यहीं से पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया, क्योंकि आरोप है कि उसे अस्पताल में VIP ट्रीटमेंट दिया जा रहा है और उससे मिलने वालों का तांता लगा हुआ है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी जेल विभाग को समय पर नहीं दी गई, जिससे लापरवाही या संभावित मिलीभगत के आरोप भी सामने आ रहे हैं। इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आम आरोपी को भी ऐसी ही राहत मिलती है, या फिर यह सब रसूख और पहुंच का असर है।
फिलहाल पुलिस ने अस्पताल में सुरक्षा बल तैनात कर दिया है और मामले की जांच जारी है। अब नजर इस बात पर है कि क्या इस ‘अचानक बीमारी’ की निष्पक्ष जांच होगी या फिर मामला दबा दिया जाएगा।
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