Raigarh News: भारत विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस पर रायगढ़ के सिंदूर पार्क में हुआ आयोजन, विभाजन की पीड़ा को स्मरण कर दी गई श्रद्धांजलि, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

रायगढ़ August 14, 2026 रिपोर्टर: raigarh top news
Raigarh News: भारत विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस पर रायगढ़ के सिंदूर पार्क में हुआ आयोजन, विभाजन की पीड़ा को स्मरण कर दी गई श्रद्धांजलि, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

Raigarh News: भारत विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस पर रायगढ़ के सिंदूर पार्क में हुआ आयोजन, विभाजन की पीड़ा को स्मरण कर दी गई श्रद्धांजलि, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी की अगुवाई में निकाला गया कैंडल मार्च, राष्ट्रीय एकता और अखंडता का दिया संदेश
रायगढ़, 14 अगस्त 2026/ भारत विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस के अवसर पर रायगढ़ के सिंदूर पार्क में भारत विभाजन की त्रासदी को स्मरण करते हुए कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विभाजन की पीड़ा और उससे जुड़ी मानवीय त्रासदी को दर्शाती छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी सहित कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने काली पट्टी बांधकर भारत विभाजन की विभीषिका के प्रति अपना विरोध प्रकट किया। इसके बाद वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी की अगुवाई में कैंडल मार्च निकाला गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि भारत के विभाजन की पीड़ा को समझने के लिए हमें इतिहास के उस दौर को स्मरण करना होगा, जब भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का विस्तार आज के पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान तक था। उन्होंने कहा कि सिंधु घाटी सभ्यता के हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसे महत्वपूर्ण स्थल आज पाकिस्तान में हैं। इसी तरह तक्षशिला भी आज पाकिस्तान में स्थित है। उन्होंने कहा कि रवीन्द्रनाथ टैगोर, जिन्होंने राष्ट्रगान की रचना की, उनका पैतृक गांव आज के बांग्लादेश में है। यह इतिहास हमें बताता है कि विभाजन ने केवल भू-भाग का नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति को भी गहरी पीड़ा दी।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि जब कोई देश कमजोर होता है तो उसका दुष्परिणाम पूरे समाज को भुगतना पड़ता है। इसलिए देश की मजबूती और एकता सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक में राष्ट्र के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी की भावना होना जरूरी है। उन्होंने विभाजन की परिस्थितियों को स्मरण करते हुए कहा कि हमें इतिहास से सीख लेकर ऐसी परिस्थितियों से बचने तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने के लिए संकल्पित होना चाहिए। वित्तमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति और विरासत व्यापक रही है और इसे समझने के लिए इतिहास के पन्नों को गंभीरता से पढ़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विभाजन की विभीषिका को याद करने का उद्देश्य किसी के प्रति वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को इतिहास की पीड़ा से अवगत कराना और राष्ट्रीय एकता, अखंडता तथा सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना है।

कार्यक्रम के दौरान सिंदूर पार्क में आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी में भारत विभाजन के समय की परिस्थितियों, विस्थापन, संघर्ष और आम नागरिकों की पीड़ा को प्रदर्शित किया गया। नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभाजन से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों की जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात निकाले गए कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, अरुण धर दीवान, गुरुपाल भल्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में अरुण कातोरे, सुभाष पांडेय, विकास केडिया, जतिन साव, अनुपम पाल, कार्यक्रम प्रभारी विलिस गुप्ता, दीपेश, पावन अग्रवाल, मधुलता पटेल, मोहम्मद असलम सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे।

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