अमित बघेल….चिंगारी तुमने सुलगाई है…इसे दावानल अग्रवंशी बनाएंगे..

रायगढ़ November 6, 2025 रिपोर्टर: raigarh top news
अमित बघेल….चिंगारी तुमने सुलगाई है…इसे दावानल अग्रवंशी बनाएंगे..

अमित बघेल….चिंगारी तुमने सुलगाई है…इसे दावानल अग्रवंशी बनाएंगे..

 

रायगढ़। शक्तियों के दुरुपयोग की वजह से ऋषि अंगिरा सहित अन्यऋषियों ने हनुमान को उन्हें दिया कि वे अपनी शक्तियाँ भूल जाएंगे, जब तक कि कोई उन्हें याद न दिलाए… जब सीताजी की खोज के लिए समुद्र लांघने की बारी आई, तब जामवंत ने हनुमान को उनकी क्षमताओं और पवनपुत्र होने के महत्व का स्मरण कराया। जामवंत के स्मरण कराने पर हनुमान को बोध हुआ कि वे वायु-पुत्र हैं और उनमें अपार बल है। इसलिए वे समुद्र को लांघ पाए…
छत्तीसगढ़ में भी अग्रवाल समाज की युवा पीढ़ी अपने पुरखो के योगदान को भूल बैठा…आज के अग्रवाल युवा छत्तीसगढ़ के भामा शाह माने जाने वाले दाऊ कल्याण सिंह और सेठ किरोड़ीमल के दान से अनभिज्ञ है…आपकी वजह से छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े दानवीर और भामा शाह माने जाने वाले महाराज अग्रसेन के वंशज दाऊ कल्याण सिंह जी और सेठ किरोड़ीमल जी के योगदान को जनमानस के सामने रखने का सुअवसर मिल पाया ….इसलिए आपको धन्यवाद दिया….. मध्यप्रदेश के गर्भ में छत्तीसगढ़ बाहर नहीं आ पाया… तब दाऊ कल्याण सिंह और सेठ किरोडोमल की ओर तात्कालिक सरकारें उम्मीद भरी नजरी से देखा करती थी…दाऊ कल्याण सिंह एवं सेठ किरोड़ीमल जी ने दानवीर कर्ण की दानवीरता का अनुशरण करते हुए दान का ऐसा मिथक स्थापित किए जिसे जान कर हर छत्तीसगढ़िया नहीं बल्कि हर देश वासी का सीना गर्व से फूल जायेगा…जीवन की मूलभूत आवश्यकता शिक्षा चिकित्सा सहित बहुत से सामाजिक कार्यों के लिए उन्होंने उदार मन से सैकड़ों एकड़ जमीनें दान दी।सैकड़ों एकड़ जमीन पर खड़ी बहुमंजिला इमारतें सदियों से छत्तीसगढ़िया भाई बहनों का इलाज कर रही…शिक्षित कर रही है…ना जाने कितनी पीढ़ियां इनके दान से लाभान्वित हुई है और आगे भी होती रहेगी…छत्तीसगढ़ी महतारी की मूर्ति टूटना दुखद है और सभी की महतारी इष्टदेवों का सम्मान करना एक सनातनी परंपरा है…
दाऊ कल्याण सिंह द्वारा दान में दी गई 1729 एकड़ भूमि पर निर्मित कृषि महाविद्यालय, एम्स सहित धर्म शाला नक्खी तालाब, कल्याण सागर तालाब, रामसागर तालाब,माता देवालय, दाऊ रामसिंह पशु चिकित्सालय सहित जनहित के लिए समर्पित कार्यों की लंबी फेहरिस्त है ।जो दाऊ कल्याण सिंह द्वारा जनसेवा हेतु दान में दी गई जमीन पर खड़ी है दाऊ कल्याण सिंह द्वारा दिया गया यह दान आज भी छत्तीसगढ़ महतारी के लोगों की सेवा हेतु आज भी प्रासंगिक है… समाज हित के सैकड़ों काम अग्र वंशज दाऊ कल्याण सिंह ने किए….प्रदेश के सबसे बड़े डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल दाऊ कल्याण सिंह द्वारा दान दी गई जमीन पर बना है गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए दाऊ सिंह ने यह हॉस्पिटल बनाया था…वही रायगढ़ में दानवीर सेठ किरोड़ीमल ने सेवा का जो मिथक स्थापित किया मानो उन्होंने दान और जन सेवा शब्द को सही मायने में परिभाषित किया…रायगढ़ में हॉस्पिटल मंदिर स्कूल कॉलेज कुएं मकान ना जाने कितनी संपति गरीबों की सेवा के लिए समर्पित कर दी…सेठ किरोड़ीमल जी द्वारा निर्मित पॉलिटेक्निक कॉलेज में हमारे पुरखे पढ़कर लाभान्वित हुए है…गरीबी की कोई जाति नहीं होती और ना ही गरीबी का कोई धर्म नहीं ..इन महान अग्र वंशज के दानवीरों ने जाति धर्म देखकर सेवा का काम नहीं किया…खाली लोटा लेकर इसे भरने वाली जाति छिनतई लूट पाट असंवैधानिक कार्यों पर विश्वास नहीं रखती बल्कि मेहनत लगन निष्ठा के जरिए ना केवल लोटा भरती है बल्कि इस लोटे से जरूरत मंदो को उदार मन से देती भी है…… महतारी का सम्मान करना सबका कर्तव्य है लेकिन महतारी के सम्मान के नाम पर अन्य जाति धर्म के महापुरुषों के अपमान से छत्तीसगढ़ महतारी की पीड़ा बढ़ेगी…… मां की आँखें बेटों में भेद नहीं करती….कोई बच्चा मंद बुद्धि या नासमझ या दिव्यांग हो जाए तो महतारी अन्य बच्चों की तुलना में ऐसे बच्चे का अधिक ध्यान रखती है…वर्ग भेद की बढ़ती खाई में छत्तीसगढ़ी सभ्यता संस्कृति के खो जाने का खतरा है…
 

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