Raigarh: 15 साल से फरार हत्या मामले की वारंटी गिरफ्तार, लैलूंगा पुलिस ने जूटमिल से दबोचा, पहचान छिपाकर रह रही थी महिला, हत्या के मामले में मिली थी आजीवन कारावास की सजा
Raigarh: 15 साल से फरार हत्या मामले की वारंटी गिरफ्तार, लैलूंगा पुलिस ने जूटमिल से दबोचा, पहचान छिपाकर रह रही थी महिला, हत्या के मामले में मिली थी आजीवन कारावास की सजा
रायगढ़, 5 अक्टूबर । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिले में फरार आरोपियों एवं लंबे समय से फरार वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत लैलूंगा पुलिस ने हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा प्राप्त महिला रामबाई चौहान, पति आत्माराम चौहान, उम्र करीब 40 वर्ष, मूल निवासी मेढरमार, थाना लैलूंगा, वर्तमान निवासी ट्रांसपोर्ट नगर, सारंगढ़ बस स्टैंड के पास वाल्मीकि-अंबेडकर आवास, थाना जूटमिल, जिला रायगढ़ को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी वारंट के परिपालन में गिरफ्तार कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने पर उसे जेल दाखिल किया गया।
जानकारी के अनुसार जिला रायगढ़ सत्र प्रकरण क्रमांक 194/1996 में रामबाई चौहान को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उपलब्ध हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार मामले में मृतक पार्रू सिदार की मृत्यु गला घोंटने से हुई थी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर निचली अदालत द्वारा दी गई दोषसिद्धि को उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा। हाईकोर्ट ने अपील खारिज करते हुए अपीलकर्ता को शेष सजा भुगतने के लिए आत्मसमर्पण करने अथवा हिरासत में लिए जाने का निर्देश दिया था।
ऑपरेशन क्लीन हंट के दौरान लंबे समय से फरार वारंटियों की सूची में रामबाई चौहान का नाम शामिल किया गया। थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव ने पुराने रिकॉर्ड, फोटो एवं अन्य जानकारी के आधार पर वारंटी की तलाश शुरू की। जानकारी जुटाने पर उसके जूटमिल क्षेत्र में रहने की संभावना सामने आई। इसके बाद जूटमिल पुलिस की सहायता से क्षेत्र की वोटर लिस्ट एवं अन्य स्थानीय जानकारी का मिलान किया गया। जांच के दौरान ऐसी महिला की पहचान हुई, जिसका वर्तमान रिकॉर्ड उपलब्ध जानकारी से मेल नहीं खा रहा था, लेकिन फोटो मिलान के आधार पर उसकी पहचान रामबाई चौहान के रूप में होने की संभावना मजबूत हुई। पुलिस ने महिला को थाना लाकर पूछताछ की। प्रारंभ में उसने अपनी पहचान से इनकार किया, लेकिन पुलिस द्वारा उपलब्ध तथ्यों एवं वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ किए जाने पर उसने स्वीकार किया कि वह वही रामबाई चौहान है, जिसे हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तारी वारंट के परिपालन में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल वारंट पर उसे जेल भेज दिया गया।
उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव, थाना जूटमिल के सहायक उप निरीक्षक हेमंत कश्यप, थाना लैलूंगा के प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैंकरा एवं महिला आरक्षक आशा सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।