जन्मदिन की रात बना ‘मौत का जाल’! साले और भाभी ने मिलकर जीजा को पीटा, इलाज के दौरान तोड़ा दम
पुरानी रंजिश में आधी रात हुआ खूनी हमला, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली सच्चाई, दोनों आरोपी जेल में

जशपुर।
एक खुशियों भरी जन्मदिन की रात अचानक खौफनाक वारदात में बदल गई, जब मामूली विवाद ने एक शख्स की जान ले ली। जशपुर जिले के कोतबा चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फरसाटोली में छोटे साले और भाभी ने मिलकर अपने ही जीजा की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान 40 वर्षीय मुरली राम यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 30 मार्च 2026 को मुरली राम अपने बेटे का जन्मदिन मना रहा था। घर में केक काटकर खुशी का माहौल था, लेकिन देर रात घटनाओं ने ऐसा मोड़ लिया जिसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।
बताया जा रहा है कि जन्मदिन के बाद मृतक की पत्नी अपने बेटे के साथ मायके गई थी। इसी दौरान रात करीब 11 बजे मुरली राम शराब के नशे में ससुराल पहुंचा और वहां मौजूद अपने छोटे साले शिवकुमार यादव और बड़े साले की पत्नी मिथिला यादव से विवाद करने लगा। दोनों पक्षों के बीच पहले से चली आ रही रंजिश ने अचानक हिंसक रूप ले लिया।
आरोप है कि गुस्से में आकर शिवकुमार यादव ने मुरली राम को जमीन पर पटक दिया और उसके सीने व पेट पर चढ़कर लात-घूंसे बरसाने लगा। इसी बीच मिथिला यादव ने भी डंडे से हमला किया। बीच-बचाव के बाद गंभीर रूप से घायल मुरली राम किसी तरह घर लौट गया, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
अगले दिन उसे इलाज के लिए कोतबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे उड़ीसा के सुंदरगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। चार दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद 4 अप्रैल 2026 को उसने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मौत सीने में गंभीर चोट लगने के कारण हुई है, जिसे हत्यात्मक माना गया। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उन्हें 18 अप्रैल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद कर लिया है। इस मामले में बीएनएस की धारा 103(1) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी बागबहार निरीक्षक अशोक कुमार शर्मा, चौकी प्रभारी कोतबा उप निरीक्षक बृजेश कुमार यादव समेत पुलिस टीम की अहम भूमिका रही, जिन्होंने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
|
|
|
|
![]() |
![]() |
| ||






