Raigarh: लय, ताल और नृत्य कौशल का अद्भुत संगम, गोटीपुआ ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध, नक्षत्र गुरुकुल के कलाकारों ने ओडिशा की समृद्ध नृत्य परंपरा को मंच पर किया जीवंत
Raigarh: लय, ताल और नृत्य कौशल का अद्भुत संगम, गोटीपुआ ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध, नक्षत्र गुरुकुल के कलाकारों ने ओडिशा की समृद्ध नृत्य परंपरा को मंच पर किया जीवंत
रायगढ़, 20 सितम्बर 2026/41वें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह-2026 की सप्तम सांस्कृतिक संध्या में ओडिशा की पारंपरिक गोटीपुआ नृत्य शैली ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नक्षत्र गुरुकुल के कलाकारों ने लय, ताल, भाव-भंगिमाओं और सधे हुए नृत्य कौशल के माध्यम से ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया।
भुवनेश्वर स्थित नक्षत्र गुरुकुल की स्थापना वर्ष 2007 में गुरु विजय कुमार साहू ने की थी। गुरुकुल में युवा कलाकारों को गोटीपुआ नृत्य की बारीकियों के साथ योग, शारीरिक अभ्यास और पारंपरिक प्रशिक्षण दिया जाता है। गोटीपुआ ओडिशा की प्राचीन नृत्य परंपरा है, जिसे शास्त्रीय ओडिसी नृत्य की आधारभूमि के रूप में भी जाना जाता है। इसमें बाल कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य प्रस्तुत करते हैं।
प्रस्तुति के दौरान कलाकारों की लयबद्ध गतियों, आकर्षक मुद्राओं और शारीरिक संतुलन ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। नक्षत्र गुरुकुल के कलाकार देश-विदेश के विभिन्न सांस्कृतिक मंचों पर गोटीपुआ की प्रस्तुतियां दे चुके हैं। चक्रधर समारोह के मंच पर उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा।