छत्तीसगढ़

कभी बम और गोलियों के साए में जीता था गांव, आज उसी मिट्टी से निकला बेटा बना पुलिस अफसर

35 घरों के छोटे से गांव से उठी बड़ी कहानी, गरीबी और नक्सल डर को हराकर ललित गावड़े ने पहन ली वर्दी


बालोद। कभी जहां हर कदम पर डर था, हर रात अनहोनी का साया मंडराता था, उसी गांव से आज एक ऐसी कहानी निकली है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। नक्सलियों की दहशत में जीने वाला एक छोटा सा गांव अब गर्व से सिर ऊंचा कर रहा है, क्योंकि उसी मिट्टी का बेटा आज पुलिस अफसर बनकर लौटा है।

बालोद जिले के आदिवासी विकासखंड डौंडी के ग्राम पेवारी के रहने वाले ललित गावड़े जब एसआई की ट्रेनिंग पूरी कर अपने गांव पहुंचे, तो पूरे इलाके में जैसे जश्न का माहौल बन गया। 35 घरों वाले इस छोटे से गांव में लोग दूर-दूर से उसे बधाई देने पहुंचे।

कुछ साल पहले तक यह गांव नक्सलियों की दहशत में जीता था। हालात इतने खराब थे कि यहां बम तक प्लांट किए गए थे, जिन्हें सुरक्षाबलों ने समय रहते निष्क्रिय किया। गांव के लोग डर के साए में जीने को मजबूर थे। लेकिन समय बदला, हालात बदले और अब उसी गांव के युवा अपने सपनों को पूरा करने में जुट गए हैं।

ललित की कहानी संघर्ष और जिद की मिसाल है। बेहद गरीब परिवार में जन्मे ललित के माता-पिता मजदूरी कर अपने बेटे को पढ़ाते रहे। तीन बहनों और एक भाई के बीच चौथे नंबर पर आने वाले ललित ने गांव से प्राथमिक शिक्षा पूरी की, फिर कांकेर और बाद में रायपुर जाकर अपनी पढ़ाई जारी रखी।

पैसों की तंगी के बावजूद उनके माता-पिता ने कभी हार नहीं मानी और दिन-रात मेहनत कर बेटे को आगे बढ़ाया। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और ललित ने एसआई बनकर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन कर दिया।

ललित की मां रुपई बाई की आंखों में खुशी के आंसू हैं। उनका कहना है कि गरीबी में रहकर भी उन्होंने अपने बेटे को हर संभव सहारा दिया और आज उसका फल मिला है। उन्होंने गांव के अन्य बच्चों से भी पढ़ाई कर आगे बढ़ने की अपील की है।







वहीं ललित के छोटे भाई अमर सिंह गावड़े भी अब उसी राह पर चल पड़े हैं और एसआई बनने का सपना देख रहे हैं। उन्होंने फिजिकल परीक्षा पास कर ली है और आगे की तैयारी में जुटे हैं।

जनपद पंचायत अध्यक्ष डौंडी मुकेश कौड़ों ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि इस बेटे ने न सिर्फ अपने गांव बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि कभी जो गांव नक्सलियों के डर से सहमा रहता था, आज वहीं के युवा बिना डर के अपने सपनों को साकार कर रहे हैं।

यह कहानी सिर्फ एक युवक की सफलता नहीं, बल्कि उस बदलाव की भी गवाही है, जहां डर पर हौसले ने जीत हासिल की और एक छोटे से गांव से निकलकर एक बेटा पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया।



IMG-20240424-WA0003
previous arrow
next arrow

raigarh top news

www.raigarhtopnews.com दैनिक हिन्दी न्यूज वेबसाईट है और रायगढ़ जिले का सर्वाधिक लोकप्रिय व सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला न्यूज वेबसाईट है। www.raigarhtopnews.com पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश व रायगढ़ जिले की शासकीय व अर्द्धशासकीय योजनाओं के साथ सभी खबरों को प्राथमिकता के साथ प्रसारित करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है।
Back to top button